पंचकूला/बरवाला। पंजाब के सीमावर्ती के साथ लगते बरवाला ब्लॉक के 25 गांवों के किसान अब एक साथ आ गए हैं। उन्होंने संयुक्त रूप में एक रणनीति तैयार की है। इसके तहत वह इस मामले को लेकर आगे बढ़ेंगे। गांव कामी के सरपंच विजेंद्र शर्मा ने बताया कि जहरीली गैस से नष्ट हुई हजारों एकड़ फसल और सब्जियों की विस्तृत जानकारी देने के लिए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, कृषि विभाग एवं कृषि विशेषज्ञों के नाम का पत्र तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि रविवार को उक्त सभी लोगों को पत्र सौंपा जाएगा।
गांव कामी में किसान बचन सिंह, सरदारा सिंह, लाभ सिंह, श्यामलाल, रजिंदर कुमार, योगेश्वर शर्मा, सियाराम, ठाकुरदास, भूषण शर्मा, बॉबी, प्रीतम सिंह, गुरनाम सिंह, धर्मवीर, कुलदीप, सुंदर सिंह, हरप्रीत सिंह ने बताया कि पत्र के जरिए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और उपायुक्त विनय प्रताप सिंह केमिकल फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। किसानों ने बताया कि यदि इसके बाद भी प्रशासनिक स्तर पर उन्हें राहत पहुंचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया तो वह रोष प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। हालांकि पंचकूला जिला उपायुक्त ने अपने स्तर पर तीन अधिकारियों की एक टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने टीम में शामिल अधिकारियों से जांच रिपोर्ट जल्द सौंपने को कहा है।
किसानों को कृषि विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने का इंतजार
पंजाब सीमावर्ती के साथ लगते गांव के किसानों को कृषि विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। वह रिपोर्ट आने के बाद फैसला लेंगे कि गेहूं की फसल के लिए कदम आगे बढ़ाएं या नहीं। वहीं किसान ये भी जानना चाहते हैं कि फसल जहरीली गैस से खराब हुई है या फिर कुछ और कारण है। बरवाला के किसान धर्मवीर, प्रताप सिंह, भगवानपुर निवासी ताराचंद, देव सिंह, भरैली के किसान गुरजीत सिंह, सुंदरपुर के बलजिंदर सिंह, बचना सिंह, कामी के किसान योगेश्वर, भूषण, सोहन सिंह, हजारा सिंह, जसवीर सिंह, रामकुमार ने बताया कि पंजाब सीमा में केमिकल के बड़े-बड़े प्लांट लगे हैं। जिससे निकलने वाली जहरीली गैस से पंचकूला व खंड बरवाला के कई गांवों का वातावरण दूषित हो रहा है। केमिकल युक्त गंदा पानी बोर के जरिए जमीन में छोड़ जा रहा है। यह एक बहुत बड़ी गंभीर समस्या है।