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जिंदगी से खिलवाड़ : स्वास्थ्य विभाग का डिलीवरी हट नाम का, महिला विशेषज्ञ न ऑपरेशन थिएटर

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पंचकूला। साढ़े तीन माह पहले स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर-16 के अर्बन हेल्थ सेंटर को डिलीवरी हट घोषित किया था, मगर आज तक सुविधाओं के नाम पर न संसाधन दिए और न ही स्टाफ। यहां तक कि इस डिलीवरी हट में नियमित महिला रोग विशेषज्ञ तक नहीं है। अस्थायी ऑपरेशन थियेटर में साढ़े तीन माह में केवल तीन महिलाओं की ही डिलीवरी हुई है। सेक्टर-16 अर्बन हेल्थ सेंटर के तहत सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-17 और सेक्टर-18 आते हैं।
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इसके अलावा राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और बुढ़नपुर गांव आते हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जनसंख्या भी लगभग 60 हजार है। राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी और बुढ़नपुर में मध्यम और निम्न वर्ग के परिवार रहते हैं जो निजी अस्पतालों के महंगे बिल वहन नहीं कर सकते। महिलाओं की डिलीवरी कराने में निजी अस्पतालों में एक लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं। अगर बच्चा सीजेरियन से हो तो खर्च दो लाख तक भी पहुंच जाता है। लोगों की इस परेशानी को ध्यान में रखकर सेक्टर-16 के अर्बन हेल्थ सेंटर को डिलीवरी हट का दर्जा दिया था। मगर इसे यह दर्जा देने के बाद विभाग यहां सुविधाएं देना ही भूल गया। स्टाफ की कमी के कारण यहां सामान्य मरीजों को उपचार देने में भी कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पर बढ़ा वर्कलोड
सेक्टर - 6 के जनरल अस्पताल में महिला मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। यहां रोजाना गर्भवती महिलाओं को ओपीडी में डॉक्टर से जांच कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। अगर अर्बन हेल्थ सेेंटर के डिलीवरी यूनिट में महिला डॉक्टरों की तैनाती के साथ ऑपरेशन थिएटर तैयार हो जाता है, तो पंचकूला सेक्टर 15, 14, 16, 17 19 सहित राजीव, इंदिरा कालोनी की गर्भवती महिलाओं को सिविल अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। वहीं सिविल अस्पताल में डॉक्टर महिला मरीजों की प्रॉपर जांच के लिए समय भी दे पाएंगे और उन्हें कम समय में बेहतर उपचार मिलेगा।
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कर्मचारियों के पद हैं खाली
डिलीवरी हट में कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। किसी भी रोग का कोई विशेषज्ञ यहां विभाग ने तैनात नहीं किया है। यहां दो चिकित्सकों के पद हैं। एक डेपुटेशन पर है और एक पोस्ट खाली पड़ी है। स्टाफ नर्स के आठ पद हैं। इनमें से दो पद खाली पड़े हैं। एक स्टाफ नर्स मेटरनिटी लीव पर है। एएनएम की चार में से एक पोस्ट खाली पड़ी है। यही कारण है कि इस स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
करना पड़ रहा अतिरिक्त काम
स्वास्थ्यकर्मियों के पद खाली पड़े होने के कारण यहां तैनात अन्य कर्मचारियों को अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है। यहां आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अपनी ड्यूटी से अलग भी काम करना पड़ता है। एसएमओ से लेकर स्टाफ नर्स तक दिनभर जद्दोजहद में लगे रहते हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत दुर्घटना और लड़ाई-झगड़े में घायल होने वालों को होती है। अगर स्थिति थोड़ी भी गंभीर होती है तो उसे सेक्टर-6 रेफर कर दिया जाता है। घायलों को उपचार के लिए तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
स्टाफ की कमी तो है, मगर फिर भी यहां तैनात कर्मचारी लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का पूरा प्रयास करते हैं। अगर कोई सुविधा यहां नहीं होती है, तो उसके बाद ही घायल या मरीज को रेफर किया जाता है। -डॉ. ललिता, एसएमओ, अर्बन हेल्थ सेंटर, सेक्टर-6
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