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जिंदगी से खिलवाड़: मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य उत्पादों में की गई मिलावट, फेस्टिवल सीजन में खाद्य पदार्थों के 19 फीसदी सैंपल फेल रहे

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पंचकूला। त्योहारी सीजन में शहर की दुकानों में खाद्य पदार्थों में जमकर मिलावट की गई। मिलावट खोरों ने लोगों की जिंदगी से जमकर खिलवाड़ किया। बडे़ पैमानों पर दुकानदारों ने मिठाइयों, पनीर और दूध से बने अन्य उत्पादों में मिलावट की। इसका खुलासा फूड एंड सेफ्टी विभाग के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद हुआ है। पंचकूला में जनवरी से नवंबर तक फूड एंड सेफ्टी विभाग की तरफ से 317 सैंपल लिए गए। इनमें 63 सैंपल फेल मिले। फेस्टिवल सीजन में 19 फीसदी सैंपल फेल हुए हैं। सैंपल पहली बार फेल नहीं हुए हैं। हर साल त्योहारी सीजन में मिलावट अधिक की जाती है। इसके बाद विभाग की तरफ से सैंपल रिपोर्ट नहीं आने के कारण लोग मिलावटी चीजों का सेवन कर चुके होते हैं। इससे स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है। इसके बाद भी दुकानदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती है।
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दूूध से बने प्रोडक्ट पर मिलावट अधिक
फूड एंड सेफ्टी विभाग की ओर से आयी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि त्योहारी सीजन में बनाए दूध के प्रोडक्ट में अधिक मिलावट होती है। इसमें खोए की मिठाई, पनीर सहित अन्य प्रकार की मिठाई में अधिक मानक के अनुसार कलर और अन्य मिलावटी चीजें मिलाई जाती हैं। इसकी जांच किए जाने के बाद भी मिलावट खोर दुकानदार इस तरह का काम कर रहे हैं। हालांकि रिपोर्ट आने के बाद उन पर जुर्माना लगाया जाता है। खाने पीने की चीजों में मिलावट करने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन इसके बाद यह खेल जारी है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत जुर्माना और सजा का प्रावधान है। कानूनन दूषित मिलावटी खाद्य पदार्थों के उत्पादकों को कम से कम 10 लाख का जुर्माना हो सकता है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जल्द ही सैंपलिंग बढ़ाई जाएगी। निर्धारित अंतराल पर जांच कर सैंपल भेजे जा रहे हैं। जिनके सैंपल ठीक नहीं आए हैं। उन पर जुर्माना किया जाएगा। - राजीव रतन, कमिश्नर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर
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