चंडीगढ़। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के भारत बंद का चंडीगढ़ में मिलाजुला असर दिखा। शहर के ज्यादातर बाजार खुले रहे और सड़कों पर आवाजाही सामान्य रही। किसानों के प्रदर्शन और सड़कें जाम करने से केवल जीरकपुर और मोहाली की सीमाओं से लगते इलाकों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
मुल्लांपुर बैरियर और हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर ज्यादा समस्या रही। यहां किसानों और उनके समर्थकों ने जाम लगा रखा था। ऐसे में पुलिस को यातायात डायवर्ट करना पड़ा। डायवर्जन से लोग परेशान दिखे। जाम के दौरान कई लोगों की किसान समर्थकों से बहस भी हुई। इस दौरान आपात सेवाएं सुचारु रहीं। स्कूली बच्चों और मरीजों को रास्ता दिया गया।
सोमवार को सुबह छह बजे से ही किसान मुल्लांपुर बैरियर पर पहुंचाने लगे थे। साढ़े छह बजे से ट्रैक्टर लगाकर किसानों ने रास्ता रोक दिया और गाड़ियां रोकनी शुरू कर दीं। इस दौरान किसानों का आक्त्रसेश भी देखने को मिला। उधर, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर सुबह साढ़े आठ बजे किसान समर्थकों ने रास्ता बंद कर दिया। धीरे-धीरे यहां जाम की स्थिति बन गई तो पुलिस ने यातायात डायवर्ट किया। उधर, शहर में सेक्टर-17 प्लाजा, सेक्टर-22 की मार्केट खुली रही। इसके अलावा सेक्टरों की अंदरूनी दुकानें भी पूरी तरह खुली रहीं। सेक्टर-26 की सब्जी मंडी और अनाज मंडी भी खुली रही। शहर के अंदर कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनी। पूरे दिन यातायात सामान्य रहा।
मुल्लांपुर बैरियर पर किसान बाबा साधु सिंह, सर्वेश यादव ने बताया कि भारत बंद का असर अच्छा रहा है। हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर आसपास के गांव के लोगों की काफी भागीदारी रही। यहां जमा किसानों में सुखजीत सिंह, शरणजीत ने बताया कि लोगों का भरपूर सहयोग मिला है। पेंडू संघर्ष कमेटी चंडीगढ़ के प्रधान दलजीत सिंह पलसौरा और महासचिव गुरप्रीत सिंह सोमल, सचिव सुखजीत सिंह ने बताया कि लोगों के समर्थन से वे काफी उत्साहित हैं। भाकियू चढ़ूूनी के चंडीगढ़ इकाई के उप प्रधान लाडी पन्नू ने बताया कि मोहाली के वाईपीएस चौक के पास जाम लगाया गया। भाकियू टिकैत चंडीगढ़ इकाई के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप कुंडू ने भारत बंद में सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया है।