कोरोना का पहला केस
खड़क मंगोली में 40 वर्षीय महिला संक्रमित मिली। यह एक ब्रिटिश महिला को मालिश करने गई थी। इस महिला में खांसी और बुखार के लक्षण नजर आए थे। जांच करने पर उसे कोरोना संक्रमित पाया गया।
पहला कंटेनमेंट जोन
खड़क मंगोली पहली कॉलोनी थी, जिसे सील किया गया था। इसमें 50 पुलिसकर्मियों के अलावा स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले अधिकारियों के चार दलों को झुग्गी-बस्ती में तैनात किया गया था।
ड्रोन से रखी नजर
पंचकूला के सेक्टर-15 में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद 15 अप्रैल को पंचकूला सेक्टर-15 को पूरी तरह से सील कर दिया गया था। इस दौरान पंचकूला के इस सेक्टर में नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
जिले में पहली मौत
कोरोना संक्रमण से पंचकूला में पहली मौत दो जुलाई 2020 को हुई थी। सेक्टर- 21 स्थित एक निजी अस्पताल में किडनी का इलाज करवाने वाली यह महिला सेक्टर-12 की रहने वाली थी।
प्लाज्मा थैरेपी शुरू
जिले के सेक्टर-6 अस्पताल में कोरोना काल में ही प्लाज्मा थैरेपी की नई शुरुआत हुई। फरीदाबाद, गुरुग्राम और पीजीआई रोहतक के बाद प्लाज्मा थैरेपी देने वाला पंचकूला चौथा जिला बना।
पुलिस ने बांटा राशन
पंचकूला में समाजसेवी संस्थाओं के साथ ही पुलिस ने भी आर्थिक रूप से मजबूर लोगों को राशन बांटने का बीड़ा उठाया। पुलिस का एक नया रूप सामने आया। लॉकडाउन में पंचकूला के कई सेक्टरों में पुलिस सामान और राशन बांटती नजर आई।
प्रवासी मजदूर चले घर
कोरोना काल के दौरान पंचकूला जिले से करीब 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर अपने घर लौटे। इसकी वजह राशन और खाना-पानी का न मिलना था। इस वजह से जिसको जो साधन मिला उसी पर निकल पड़ा।
आयुष विभाग ने बांटा काढ़ा
पंचकूला में आयुष विभाग की टीम ने शानदार काम किया है। आयुष विभाग द्वारा जिले के प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में आयुष काढ़े का वितरण किया गया, जिससे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी हुई।