जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है। इसके साथ ही तहसील स्तर और खंड स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में विभिन्न विभागों के कर्मचारी से 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात होंगे। आम लोग भी इन बाढ़ राहत नियंत्रण कक्ष से किसी प्रकार की सहायता के लिए टेलीफोन के माध्यम से सूचना दें सकेंगे।
उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने कहा कि जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष लघु सचिवालय के तहसील कार्यालय में स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाए गए है। उन्होंने बताया कि जिले का भौगोलिक क्षेत्र ऐसा है कि जहां पहाड़ों से अनेक नदी व नाले निकलते हैं और अधिक बरसात होने पर पानी तेज बहाव से आता है।
यह पानी भूमि कटाव के साथ कई जगह आबादी में भी घुस सकता है। ऐसी स्थित से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से पहले भी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संभावित बाढ़ के खतरों से लोगों की रक्षा करने के लिए समय रहते आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें। वहीं पशु चिकित्सा नियंत्रण कक्ष की भी स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष राजकीय पशु पालन अस्पताल देवी नगर में बनाया गया है।
यह हैं दूरभाष नंबर
लघु सचिवालय का तहसील कार्यालय 0172-2562135
पुलिस उपायुक्त कार्यालय नियंत्रण कक्ष 0172-2582100
उपमंडल अधिकारी (ना.) पंचकूला 0172-2561685
कालका उपमंडल कक्ष का नंबर 01733-220500
पंचकूला तहसील के नियंत्रण कक्ष 0172-2561135
कालका तहसील के नियंत्रण कक्ष 01733-220501
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रायपुररानी-01734-256628
बरवाला खंड 01733-256413
पिंजौर खंड का नियंत्रण कक्ष 01733-220046
मोरनी खंड एवं विकास अधिकारी का नियंत्रण कक्ष 01733-250103
पशु चिकित्सा नियंत्रण कक्ष राजकीय पशु पालन अस्पताल देवी नगर 0172-2570421