जिला रेवाड़ी के चयनित जेबीटी अध्यापकों ने बुधवार को गरीब बच्चों को पढ़ाकर नियुक्ति पत्र की मांग की। इसी के साथ चयनित जेबीटी अध्यापकों सेक्टर-5 में जारी महापड़ाव 39वें दिन में प्रवेश कर गया। अध्यापकों ने बच्चों को पढ़ाने का कार्य महासचिव सुनील यादव के नेतृत्व में किया। सुनील यादव ने बताया कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में गरीब मजदूर और किसानों के बच्चे पढ़ते हैं। सभी सरकारी स्कूल अध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं। बच्चों की प्रतिभा अध्यापकों की कमी के कारण दम तोड़ रही है।
उपाध्यक्ष प्रेम अहलावत ने कहा कि सरकार एक सरकारी स्कूल पर करोड़ों खर्च कर देती है, लेकिन स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था पर कभी ध्यान नहीं देती। अध्यापकों की कमी के कारण गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारण ही गरीब आदमी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए अधिक फीस भरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि 12731 चयनित जेबीटी नियुक्ति के इंतजार में बैठे हैं। इस अवसर पर अजीत, दिनेश, हेमंत, राम अवतार, अजय, पवन, देवपाल, इंदरजीत, कुलदीप, प्रवीण, विरेंदर, पूजा, नीलम के अलावा अन्य जेबीटी अध्यापक मौजूद रहे।