चंडीगढ़ स्टेशन पर पंचकूला की तरफ बनाए जा रहे नए प्लेटफार्म का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। अक्तूबर 2015 में इसका काम पूरा हो जाना था। कभी नक्शा तो कभी बजट की कमी के कारण निर्माण कार्य रूकता रहा। सात माह बाद भी प्लेटफार्म का निर्माण नहीं हो सका है।
रेलवे के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि 2016 में भी पंचकूला के लोगों को नए प्लेटफार्म की सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। प्लेटफार्म का काम पूरा होने वाला है, लेकिन शेड के लिए अब तक टेंडर नहीं हो पाया है। जबकि इस प्लेटफार्म के छत का टेंडर हो जाना चाहिए था।
पिलर के लिए जगह नहीं छोड़ी
प्लेटफार्म को फिनिशिंग टच दिया जा रहा है, लेकिन पिलर लगाने के लिए जगह नहीं छोड़ी गई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग कितना लापरवाह है। अधिकारिक सूत्रों ने बताया नए प्लेटफार्म पर बनाए जाने वाले शेड का टेंडर अब तक नहीं हो पाया है।
फिनिशिंग का काम जारी
पंचकूला की तरफ प्लेटफार्म नंबर छह बनाए जाने का कार्य दिसंबर 2014 में शुरू किया गया था। 6.88 करोड़ की लागत से तैयार किए जा रहे 600 मीटर के इस प्लेटफार्म पर 17 माह बाद भी फिनिशिंग का काम चल रहा है।
प्लेटफार्म के बिना पंचकूला के तरफ विकास संभव नहीं
रेलवे से जुड़ी सुविधाओं की बात करें या फिर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की। जब तक प्लेटफार्म नंबर छह का काम पूरा नहीं हो जाता, स्टेशन पर पंचकूला की तरफ विकास संभव नहीं है। हालांकि यात्रियों ने स्टेशन पर पंचकूला की तरफ सुविधाएं बढ़ाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। स्टेशन पर पंचकूला के तरफ से आने वाले यात्रियों की उम्मीद प्लेटफार्म नंबर छह ने जगाई थी, लेकिन इस प्रोजेक्ट के अधर में लटकने से लोगों की उम्मींदे टूटती नजर आ रही हैं।
कोट्स
प्लेटफार्म के निर्माण का कार्य जारी है। काम पूरा होने के दो माह बाद शेड का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
प्रवीणा गौड़, सीनियर डीसीएम अंबाला रेलवे।