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Panchkula News: ऑनलाइन का खेल पोर्टल नहीं अपडेट, नो ड्यूज के बावजूद नगर निगम बना रहा प्रॉपर्टी टैक्स भरने का दबाव

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माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर नगर निगम लोगों के साथ खेल कर रहा है। यहां नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) लेने के बाद भी लोगों को नगर निगम पुराने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने के लिए बाध्य कर रहा है। नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल को अपडेट नहीं किया है। इसके चलते पुराने प्रॉपर्टी टैक्स का शेष भी लोगों के पास पहुंच रहा है। कई लोगों का नगर निगम की तरफ बकाया है, यह नए प्रॉपर्टी टैक्स के पोर्टल पर नहीं दिखता है। इसके चलते लोग परेशान हैं। पंचकूला में सैकड़ों परिवार 2005 से प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान रहे हैं, उसके बाद भी नगर निगम बकाया बताकर प्रॉपर्टी टैक्स भरने का दबाव बना रहा है।
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पुराना प्रॉपर्टी टैक्स भरो और छूट भी नहीं मिलेगी
नई और पुरानी आईडी के नाम पर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान के लिए आने वाले लोगों के साथ खेल हो रहा है। सेक्टर-4 के नगर निगम के कार्यालय में उपभोक्ता 23-24 का प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने पहुंचे तो उनसे 2022-23 का प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करने के लिए कहा गया। लोगों ने कहा कि इसका भुगतान पहले कर चुके हैं। हमारे पास नगर निगम द्वारा जारी भुगतान की रसीद भी है। इसके बाद भी उनकी एक न सुनी गई। कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने कहा कि पिछले साल का भी प्रॉपर्टी टैक्स भरना पड़ेगा, क्योंकि साइट अपडेट नहीं है। साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स में मिलने वाला छूट भी नहीं मिलेगा।



डिफेंस वालों को भी उलझन में डाला
एक्स डिफेंस कर्मचारी सुरेश मलिक ने बताया कि वह जीएएच-5 में रहते हैं। हरियाणा सरकार के गाइड लाइन के अनुसार डिफेंस वालों को प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरना पड़ता है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं है, दो साल से नगर निगम डिफेंस वालों से शपथपत्र मांग रहा है। इसको बनवाने में 150-200 रुपये तक खर्च आता है। इससे अच्छा है कि प्रॉपर्टी टैक्स ही भर लेते।
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केस नंबर एक
एमडीसी सेक्टर-5 के जीएच 28 निवासी विनोद वैद्य ने बताया कि 2023-24 का प्रॉपर्टी भरने के लिए सेक्टर-4 कम्युनिटी सेंटर में गया। वहां पता चला कि साइट अपडेट नहीं होने के चलते, पुराना बैलेंस भी दिख रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के कर्मचारियों से समाधान का रास्ता पूछा तो जवाब मिला कि बिना रीबेट प्रॉपर्टी टैक्स का पिछला भुगतान करना पड़ेगा। उन्होंने जवाब दिया कि फ्लैट उनके बेटे के नाम पर है। नगर निगम से प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान के बाद नो ड्यूड का सर्टिफिकेट भी लिया था। उसके बाद भी पुराना भुगतान क्यों करूं। नगर निगम कर्मचारियों के पास जवाब नहीं था। उन्होंने कहा कि साइट अपडेट होने में अभी एक माह का समय और लगेगा, उसके बाद आइएगा।
केस नंबर दो
एमडीसी सेक्टर-5 के जीएच-14 निवासी रामानंद सागर ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स के पोर्टल में तमाम खामियां हैं। इसके चलते पंचकूला के सैकड़ों लोग रोजाना परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका 1070 रुपये बैलेंस नगर निगम के पास है। उसके बाद 510 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम मांग रहा है। इसके लिए तीन माह से नगर निगम कार्यालय का चक्कर लगा रहा हूं। आज तक नगर निगम समाधान नहीं निकाल पाया।


केस नंबर तीन
एमडीसी सेक्टर-5 निवासी चुन्नी लाल शर्मा ने बताया कि वह अपने दोस्त ओपी शर्मा का प्रॉपर्टी टैक्स हर साल भरते हैं। क्योंकि वह पंचकूला में नहीं रहते। हर साल का प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान का रसीद भी उनके पास है, लेकिन आज भी उनका 13060 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स खड़ा है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ऑबजेक्शन का हवाला देकर मुलाजिम बात को टाल जाते हैं।


केस नंबर चार
एमडीसी सेक्टर-5 के जीएच-8 निवासी ब्रह्म शर्मा ने बताया कि 2005 से लगातार हर साल प्रॉपर्टी टैक्स भर रहा हूं। उसके बाद भी नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स के पोर्टल पर बैलेंस 13 हजार रुपये दिखा रहा है। सेक्टर-4 के नगर निगम कार्यालय के तीन बार चक्कर लगा चुका हूं, मेरे पास पुराना रिकार्ड भी पड़ा, उसके बाद भी नगर निगम ने हाथ खड़े कर दिए हैं।


प्रॉपटी टैक्स के पोर्टल में खामियां
- पुरानी आईडी के हिसाब से नए पोर्टल को अपग्रेड नहीं किया गया।
-नए पोर्टल में उपभोक्ताओं का बैलेंस शो नहीं करता।



रोजाना तीन से चार लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े समस्याओं के समाधान के लिए फोन आते हैं। पंचकूला नगर निगम से मांग है कि हर सेक्टर में प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़े समस्याओं के लिए शिविर लगाकर साइट पुराने साइट के साथ नए साइट को अपडेट किया जाए। जहां खामियां हैं, उसका सुधार किया जाए। - विजय गुप्ता, प्रधान आरडब्ल्यूए पंचकूला।





एक कंपनी को प्रॉपर्टी आईडी बनाने का ठेका दिया गया था, कंपनी से गलती की गई है। अब नगर निगम की तरफ से सुधार किया जा रहा है। इसमें थोड़ा समय लगेगा। अभी डीएसी ने दौरा किया था, समस्या के समाधान के लिए दो काउंटर भी बढ़ाए जांएगे। - गुलाब सिंह, जेडटीओ नगर निगम पंचकूला।
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