पंचकूला। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की गिरफ्तार से बचाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहाली निवासी सरबजीत उर्फ गैरी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार है। सेक्टर-26 निवासी मलकियत सिंह की शिकायत पर 19 जून 2025 को चंडीमंदिर थाना में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में उन्होंने पंजाब के एक विधायक के पीए तरुण और उसके सहयोगी सरबजीत उर्फ गैरी पर ईडी का नाम लेकर ठगी करने और बाद में आठ करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए धमकाने के गंभीर आरोप लगाए थे।
घर पर हुई थी ईडी की रेड
शिकायत में मलकियत सिंह ने बताया कि वर्ष 1996-97 में सरकार द्वारा सेक्टर-20 पंचकूला के निर्माण के लिए उनकी 10 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले उन्हें एचएसवीपी विभाग से मुआवजा मिला। बाद में उन्होंने नारायणगढ़ में 16 किले जमीन खरीदी और परिवार सहित खेती और डेयरी व्यवसाय करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि एचएसवीपी विभाग में कार्यरत अकाउंटेंट सुनील बंसल ने उनके बैंक खातों का गलत इस्तेमाल किया। इस संबंध में 23 जनवरी 2024 को ईडी ने उनके घर पर रेड की थी जिसमें कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिला था, केवल बैंक से जुड़े रिकॉर्ड ईडी टीम अपने साथ ले गई थी।
विधायक के पीए पर ठगी का खेल
ईडी की रेड के बाद मलकियत सिंह के परिवार ने पंजाब के विधायक से संपर्क किया। इस दौरान उनके पीए तरुण और सहयोगी गैरी ने कहा कि वे ईडी अधिकारियों से मामला सुलझवा सकते हैं इसके लिए उन्हें एक करोड़ रुपये देने होंगे। परिवार ने रिश्तेदारों से उधार लेकर और महिलाओं के गहने बेचकर रकम जुटाई। एक करोड़ रुपये उन्हें दे दिए। बाद में उन्हें पता चला कि तरुण और गैरी ने कोई रकम ईडी के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। अब दोनों आरोपियों ने परिवार पर आठ करोड़ रुपये और देने का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई थी।