26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड को सफल बनाने के लिए किसान यूनियनें महिलाओं और युवाओं को खासकर शामिल कर रही हैं। किसान नेता गांव-गांव जाकर 26 के आयोजन के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही हर घर से एक युवा की शामिल किए जाने और ट्रैक्टर ट्रॉली देने की अपील कर रहे हैं। अब तक के आंकड़ों की बात करें तो पंजाब से ही यह संख्या एक लाख पार हो चुकी है।
आईटी प्रोफेशनल कर रहे प्रबंधन
किसानों के चरणबद्ध इस आंदोलन का नेतृत्व आईटी प्रोफेशनल कर रहे हैं। यह नए जुड़ने वाले लोगों का डाटाबेस तैयार कर रहे हैं। साथ ही परेड का रूट और अन्य प्रबंधन की योजना बना रहे हैं। इसके लिए इन प्रोफेशनल्स के जरिये व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं। जिनके जरिये लोगों को आंदोलन से जुड़ी जानकारी और होने वाले बदलाव की जानकारी मुहैया कराई जा रही है।
अब तक कृषि कानूनों की वापसी को लेकर केंद्र स्तर पर और न्यायालय स्तर पर हमें निराशा हाथ लगी है। अब आंदोलन को और मजबूत करने पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आंदोलन में महिलाओं की सहभागिता को बढ़ाने के लिए महिला किसान दिवस मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद ट्रैक्टर मार्च पर फोकस रहेगा। -सुखदेव सिंह कोकरी कलां, महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)।