चंडीगढ़। हरियाणा में अधिकारियों के लिए एक सीट पर रहने के लिए नियम तीन साल तक का है, लेकिन खजाना विभाग में इनका पालन नहीं हो रहा है। स्थिति ये है कि यहां 5 साल से लेकर 14 साल तक एक सीट पर अधिकारी बने हुए हैं। पूरे प्रदेश में 12 से अधिक ऐसे अधिकारी हैं।
हरियाणा सरकार के पास पहुंची शिकायत के अनुसार 5 जिला खजाना अधिकारी व 7 सहायक खजाना अधिकारी और मुख्यालय के संयुक्त निदेशक के नाम शामिल हैं। इनमें बावल व लाडवा में सहायक खजाना अधिकारी 14-14 साल से, यमुनानगर, बरवाला, समालखा, छछरौली और महम में सहायक खजाना अधिकारी 8-8 साल से तैनात हैं। इसी प्रकार, चंडीगढ़ खजाना आफिस में खजाना अधिकारी 6 साल से, कुरुक्षेत्र जिला खजाना अधिकारी 8 साल से, रोहतक जिले में 7 वर्ष से झज्जर और सोनीपत जिला खजाना अधिकारी 5-5 साल से एक ही सीट पर हैं। साथ ही चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय में चीफ अकाउंट आफिसर व संयुक्त निदेशक अलग अलग पदों से छह साल से तैनात हैं।
चरखी दादरी में गबन के बाद भी नहीं जागा विभाग
चरखी दादरी में सितंबर में ढाई करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था। इस मामले में पब्लिक हेल्थ में कार्यरत एक क्लर्क सुनील कुमार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के ईपीएफ, मेडिक्लेम और बची हुई छुट्टियों की भुगतान राशि उनके खातों में न भेजकर अपने खातों में डलवा ली। इस मामले में खजाना कार्यालय की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। पुलिस इस मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है।
विभाग में नियमानुसार रूटिन प्रक्रिया में तबादले होते रहते हैं। अगर कोई ऐसा केस होगा तो उस पर संज्ञान लिया जाएगा और आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। - टीवीएसएन प्रसाद, एसीएस, वित्त विभाग।