चंडीगढ़। फिल्लौर नगर परिषद के अधिकारियों की शह पर सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण को लेकर दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग के सचिव सहित जालंधर के डीसी व अन्य प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। फिल्लौर की लखविंदर कौर और पवित्र सिंह ने एडवोकेट आरएस बैंस के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया की फिल्लौर में नगर परिषद के अधिकारियों की शह पर कई लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे किए हैं। याचिकाकर्ता ने आरटीआई के माध्यम से अवैध अतिक्रमण की जानकारी मांगी थी। जवाब में नगर परिषद ने 26 नवंबर 2015 को अपना जवाब देते हुए ऐसे 318 अवैध अतिक्रमण की जानकारी दी थी।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने जून 2015 में फिर आरटीआई दायर कर इन अतिक्रमणकारियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी लेकिन इसके जवाब में नगर परिषद के सूचना अधिकारी ने यह कह दिया कि कोई भी अवैध अतिक्रमण मौजूद ही नहीं है। याचिकाकर्ता ने इसकी विभिन्न स्तर पर शिकायत दी लेकिन किसी भी स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में अगली सुनवाई पर सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।