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पालतू कुत्तों के कारण बढ़ रही लावारिस कुत्तों की संख्या, लावारिस कुत्तों की नसबंदी करवाने की अपील

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चंडीगढ़। हरियाणा, पंजाब और यूटी में लगातार बढ़ते लावारिस पशुओं और उनके कारण होने वाले हादसों व हमलों को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व एनिमल वेलफेयर बोर्ड से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया कि लोग पालतू कुत्तों से पैदा होने वाले बच्चों को सड़कों पर यूं ही छोड़ देते हैं जो लावारिस कुत्तों की समस्या का कारण बनते हैं।
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अंबाला निवासी उपमा भल्ला ने एडवोकेट अभिनीत तनेजा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट के सामने डब्ल्यूएचओ की एक स्टडी पेश की। याची ने बताया कि लावारिस कुत्तों की संख्या कम करने के लिए हर साल उनकी नसबंदी की जाती है, लेकिन मोटा खर्च करने के बावजूद यह संख्या बढ़ती जा रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण पालतू कुत्ते हैं। पालतू कुत्तों से जो बच्चे पैदा होते हैं उनमें से ज्यादातर को यूं ही बाहर छोड़ दिया जाता है। ये कुत्ते लावारिस कुत्तों के संपर्क में आते हैं और अपनी संख्या को बढ़ाते हैं। याची ने कहा कि इसका सबसे बड़ा सुबूत यह भी है कि आम तौर पर जो लावारिस कुत्ते होते हैं वे मिक्स ब्रीड हैं। यदि पालतू कुत्तों की नसबंदी कर दी जाए तो लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ने से रोका जा सकता है। 8 से 10 साल के बीच लावारिस कुत्ते अपने आप अपनी प्रकृतिक मौत मर जाएंगे। हाईकोर्ट ने याची द्वारा उठाए गए मुद्दे को अहम बताते हुए इस बारे में हरियाणा, पंजाब और यूटी से जवाब तलब कर लिया है।
समाचार पत्रों का दिया गया हवाला
याची ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार लोग लावारिस कुत्तों का शिकार बन रहे हैं और किस तरह से सड़क पर मौजूद लावारिस गाय हादसों का कारण बन रही हैं। याची ने कहा कि एक ओर लावारिस पशु इंसानों के लिए खतरा बन रहे है तो वहीं दूसरी ओर वे खुद भी दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। एनिमल वेलफेयर बोर्ड की सिफारिशों में स्पष्ट है कि लावारिस पशुओं को रिहायशी इलाकों के पास खाने को न दिया जाए। याची ने यह भी कहा कि लावारिस पशुओं के लिए शेल्टर होम बनाए जाने चाहिए और वहां पर उन्हें खाना, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जानी चाहिए।
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कोर्ट जारी करे दिशा निर्देश
याची ने कहा कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड की गाइडलाईन में हाईकोर्ट अपने विवेक के अनुरूप दिशा-निर्देश जोड़े ताकि आम लोगों का और लावारिस पशुओं दोनों का जीवन बेहतर हो और दोनों का जीवन सुरक्षित और भय विहीन हो।
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