प्लॉट आवंटन से जुड़े 65 लाख के घोटाले में चल रहे हैं भूमिगत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्लॉट आवंटन से जुड़े 65 लाख के भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहे पूर्व वित्तमंत्री एवं भाजपा नेता मनप्रीत बादल को घेरने के लिए विजिलेंस ब्यूरो ने नई रणनीति बनाई है। विजिलेंस अब उन्हें भगोड़ा करार देने के लिए अदालत का रुख करने वाली है। हालांकि 4 अक्तूबर को मनप्रीत बादल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई भी है। ऐसे में विजिलेंस की कोशिश यह रहेगी कि पहले उनकी याचिका को खारिज करवाया जाए। साथ ही उन्हें भगोड़ा करार देने के लिए याचिका लगाई जाए।
मनप्रीत पर विजिलेंस ब्यूरो 24 सितंबर को बठिंडा ने प्लॉट आवंटन से जुड़े मामले में केस दर्ज किया था। हालांकि मनप्रीत बादल को इसका अहसास पहले ही हो गया था कि उन पर केस दर्ज हो सकता है। ऐसे में उन्होंने अदालत की शरण ली थी लेकिन अदालत का फैसला आने से पहले ही विजिलेंस ने उन केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने से पहले से ही मनप्रीत भूमिगत चल रहे हैं। विजिलेंस उनकी तलाश में छह पड़ाेसी राज्यों में दबिश दे चुकी है। चंडीगढ़ और लंबी में उनके घर पर भी विजिलेंस की टीमों ने रेड की थी लेकिन वहां पर भी उनका कोई सुराग नहीं मिला था।
मनप्रीत बादल का फोन भी बंद आ रहा है। उनकी सुरक्षा में तैनात गार्ड भी साथ नहीं हैं। हालांकि चर्चा यहां तक है कि मनप्रीत दिल्ली में अपनी पार्टी के किसी नेता के यहां छपे हुए हैं लेकिन अभी तक इसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
यह मामला विजिलेंस के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इस मामले संबंधी सारा अपडेट सीएम भगवंत मान से शेयर किया जाता है। इससे पहले मनप्रीत बादल सार्वजनिक मंचों से सरकार को चुनौती देते रहे हैं कि उनकी छवि बिल्कुल साफ है। ऐसे में सरकार उनका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती है। इस समय जो केस उन पर चल रहा है, उसकी शिकायत उनकी पार्टी के नेता ने की थी।