पंचकूला के सेक्टर 9 स्थित रेहड़ी मार्केट में गुरुवार रात भीषण आग लग गई थी। इसमें लगभग 170 दुकानें जलकर राख हो गई थीं। अब पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। इस आग में दुकानों के साथ-साथ दुकानदारों के सपने भी स्वाहा हो गए।
राख का ढेर देखकर दिव्यांग अनीता चुप थी, उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। एक के बाद एक हादसों ने उसे अंदर से झकझोर कर रख दिया है। हो भी क्यों न। दिन दहाड़े उसकी सास की हत्या सेक्टर-16 स्थित उसके घर में कर दी गई। घर का सब कुछ चोरी हो गया। सास की हत्या के बाद उसके पति ओमकार बीमार होते चले गए और उनके शरीर के 60 फीसदी हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। एक बेटी है, जो मिर्गी की मरीज है। सास की हत्या के बाद सेक्टर-9 स्थित रेहड़ी मार्केट में कपड़े की दुकान से बड़ी मुश्किल से अपना परिवार पाल रही थी कि शुक्रवार रात मार्केट में भड़की आग में उसके सारे सपने और दुकान जलकर राख हो गई। वह बार-बार अपनी किस्मत को कोस रही थी कि लगातार इतनी मुसीबत उसे भगवान ने क्यों दी।
बंसराज गुप्ता ने बताया कि सेक्टर-9 की मार्केट में उनकी किराना की दुकान थी। शुक्रवार की आगजनी में उनकी दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया है। इसमें करीब 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ। अक्तूबर में बेटी की शादी होनी है। दुकान से जो कमाई हो रही थी, परिवार के खर्च के बाद बेटी की शादी के लिए पैसा जोड़ रहा था, दुकान में बेटी की शादी के कपड़े खरीदने के लिए 30 से 35 हजार रुपये भी रखे थे। सामान के साथ पैसे भी जल गए। इस आगजनी ने घर में शहनाई बजने के अरमानों को ग्रहण लगा दिया है। कहां से करूंगा बेटी की शादी।
बलदेव ने बताया कि बेटी की शादी के लिए तीन साल पहले करीब पांच लाख रुपये उधार लिए थे। सेक्टर-9 रेहड़ी मार्केट में स्थित शुभम फुटवियर से घर का खर्च और बेटी की शादी में लिए उधार चुका रहा था, लेकिन मार्केट में लगी आग के चलते दुकान का सारा सामान जलकर राख हो गया है। उन्होंने बताया कि इस आगजनी में करीब 7 से 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब नए सिरे से दुकान खड़ी करनी पड़ेगी। इतने पैसे कहां से आएंगे। बेटी की शादी में लिए उधार कहां से चुकाऊंगा। दुकान नए सिरे से खड़ा करने के लिए भी पैसे चाहिए। हमारे परिवार पर तो मुसीबत का पहाड़ ही टूट पड़ा है।
सुरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि सेक्टर-9 की रेहड़ी मार्केट में आगरा फुटवियर नाम से उनकी दुकान थी। शुक्रवार की आगजनी में उनका करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वह 1995 से मार्केट में दुकान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिन पहले 38 लाख रुपये का लोन लिया था। उसकी किश्त यहीं से कमाकर भर रहे थे। सुरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार रात 10.45 पर आग लगने की सूचना उन्हें मिली थी। वह 11 बजे मार्केट में अपनी दुकान के सामने पहुंच गए थे। उनकी दुकान से चार दुकान पहले अभी आग थी, लेकिन सामान निकालने के लिए दमकल विभाग के मुलाजिमों ने उन्हें आगे नहीं जाने नहीं दिया। उन्होंने आश्वासन दिया था कि उनके दुकान में आग पहुंचने से पहले वे आग पर काबू पा लेंगे, लेकिन आग की लपटें इतनी भयानक थी कि सब कुछ जलकर राख हो गया।