चंडीगढ़। हरियाणा में भूजल निकालने के लिए अब छूट प्राप्त श्रेणी को छोड़कर अन्य सभी को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जरूर लेना होगा। हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। उपयोगकर्ता 31 जनवरी तक ऑनलाइन पोर्टल https://hwra.org.in पर आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद आवेदन करने वाले को 1 लाख रुपये विलंब शुल्क देना होगा। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह टैरिफ सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की तिथी अर्थात 23 दिसंबर, 2020 से सभी आवेदकों, जो पहले से ही भू-जल निकाल रहे हैं, पर लागू होंगे। राज्य सरकार ने पूरे राज्य में भू-जल विकास और प्रबंधन सहित जल संसाधनों के विनियमन और नियंत्रण के उद्देश्य से हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का गठन किया है।
प्राधिकरण ने 18 अगस्त, 2020, 30 सितंबर, 1 नवंबर, 10 दिसंबर के अपने सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से उद्योग, खनन, अवसंरचना क्षेत्रों सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए भू-जल निकालने के लिए 22 दिसंबर, 2021 तक प्राधिकरण से एनओसी की अनुमति प्राप्त करने के लिए निर्देश जारी किए थे।