चंडीगढ़। राज्य के स्कूलों में तैनात स्टाफ को अब विभाग के अन्य कामों में नहीं लगाया जाएगा, बल्कि उनसे स्कूलों से जुड़ा काम ही लिया जाएगा। शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों को इस बारे में सख्त आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा विभाग ने कुछ शिक्षकों के अन्य जगह ड्यूटी के लिए आए आवेदनों को खारिज कर दिया है। साथ ही स्कूलों में शिक्षा के स्तर को उठाने के आदेश दिए हैं। राज्य में बीस हजार से अधिक सरकारी स्कूल हैं। इनमें करीब 25 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन विभाग के ध्यान में आया कि कुछ शिक्षक अपनी ड्यूटी स्कूलों की जगह विभागीय कामों में लगवा लेते हैं। वीआईपी जिलों में यह दिक्कत सबसे अधिक रहती है, जबकि इसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों पर पढ़ता है। विभाग द्वारा अपने सारे सिलेबस को महीना वाइज बांट रखा है जबकि शिक्षकों की गैर हाजिरी में उनकी जगह आने वाले शिक्षकों पर बोझ अधिक रहता है। वहीं, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ऐसे में विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है कि उक्त आदेशों का सख्ती से पालने करें।
शिक्षकों की छुट्टियों पर लगाई है रोक
इससे पहले शिक्षा विभाग ने मार्च माह तक शिक्षकों की छुट्टियों पर रोक लगा रखी है। जरूरी केसों में ही शिक्षकों को छुट्टी दी जाएगी। हालांकि उसके लिए भी नियम व शर्तें तय की गई हैं। इसके पीछे कोशिश यही है शिक्षक रोज स्कूल पहुंचे। साथ ही बच्चों की खामियों को सुधारें। उनके प्रत्येक विषय पर पकड़ मजबूत बनाई जाए। याद रहे कि कोरोना काल के बाद पहली बार पूरे सिलेबस से पेपर होने हैं। ऐसे में इस बार विद्यार्थियों के प्रदर्शन पर शिक्षकों का भविष्य टिका हुआ है।