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आंदोलन : 15 किमी के दायरे से टोल नहीं वसूलने की मांग, भाकियू ने दो घंटे टोल किया फ्री

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पिंजौर। 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को टोल से फ्री रखने की मांग को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन ने ब्लॉक प्रधान गुरजंट सिंह की अगुवाई में चंडीमंदिर टोल प्लाजा दो घंटे के लिए वाहन चालकों के लिए फ्री कर दिया। टोल फ्री करने समेत अन्य मांगों को लेकर तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री समेत केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन भी भेजा। टोल फ्री होने के कारण वाहन चालकों को वाहन चालक प्रसन्न नजर आ रहे थे।
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किसान यूनियन ब्लॉक प्रधान गुरजंट सिंह, कुलदीप सिंह, हरभजन सिंह खेड़ा, गुरनाम सिंह, अवतार सिंह, लाल सिंह, बब्बू, चमन लाल, शमशेर सिंह, अजय, गुरमेल सिंह गेला, बिंदर पूर्व सरपंच, सतविंदर, बॉबी आदि ने बताया कि उन्होंने तहसीलदार विक्रम सिंगला के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय परिवहन मंत्री को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि प्रदेश के सभी टोल प्लाजा पर हरियाणा के नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जाए ताकि प्रदेश के आमजन को बेरोजगारी से राहत मिल सके। इसके अलावा 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों के वाहनों की आवाजाही के लिए टोल फ्री रखा जाए।
नजदीकी क्षेत्र के लोगों को दिन में कई बार टोल क्रास करना पड़ता है। बहुत से मामलों में घर टोल के एक तरफ होता है, जबकि खेत, ऑफिस या दुकानें टोल के दूसरी तरफ हैं। इस कारण उन लोगों से टोल लेना व्यावहारिक नहीं है। सभी राजमार्गों पर किसान व कृषि से जुड़े साधन जैसे ट्रैक्टर, टरबाइन आदि को पूर्णता टोल फ्री रखा जाए। टोल प्लाजा पर फास्ट टैग अनिवार्य कर परंपरागत पर्ची सिस्टम पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। फास्ट टैग ना होने या बंद होने की स्थिति में जुर्माने के तौर पर दोगुना टोल वसूला जा रहा है, यह न्याय संगत नहीं है। इस अवसर पर टोल प्लॉजा पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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गेहूं की फसल पर 500 रुपये बोनस की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में 7 अप्रैल 2022 को गेहूं के रेट में 370 अमेरिकी डॉलर प्रति टन यानी 2800 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। निकट भविष्य में गेहूं का अंतरराष्ट्रीय मूल्य और भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि बाकी देशों की गेहूं अगस्त से नवंबर तक तैयार होती है। हरियाणा प्रदेश में साल 2020-21 में गेहूं की लागत हरियाणा कृषि व किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2083 रुपये प्रति क्विंटल आई थी।
जो इस वर्ष 2021-22 में डीजल खाद व बीज के दामों के बेतहाशा वृद्धि के कारण और भी ज्यादा बढ़ गई है। परंतु सरकार द्वारा गेहूं का घोषित एमएसपी केवल 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जो कि प्रदेश में किसान की आई लागत से भी कम है। उन्होंने बताया इस बार बारिश के कारण गेहूं के उत्पादन में भी भारी कमी आई है इसलिए किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाना बेहद जरूरी है।
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