पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्याम सुंदर अरोड़ा के खास आदमी से जान का खतरा बताते हुए होशियारपुर के दो व्यापारियों ने सुरक्षा के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याचिका में बताया गया कि मंत्री के प्रभाव के कारण इस गुंडे पर कार्रवाई नहीं हो रही है, ऐसे में हाईकोर्ट सुरक्षा के लिए आदेश जारी करे। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार व मंत्री सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही एसएसपी को याची की आरोपियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए विवेक कौशल व कमल भार्गव ने एडवोकेट सतवंत सिंह रंगी के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि 3 जनवरी, 2019 को स्थानीय गुंडे विश्वनाथ ओहरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर याची व अन्य पर हमला किया था। इस हमले में याची, डीसीपी नरेश कुमार डोगरा, एक तहसीलदार व एक नायब तहसीलदार घायल हो गए थे। इस दौरान सिर पर भी वार हुए जिसके चलते फ्रेक्चर हुआ। इसके बावजूद मामूली धाराओं में ही केस दर्ज किया गया।
याची ने बताया कि विश्वनाथ ओहरी मंत्री श्याम सुंदर अरोड़ा का खास आदमी है और कई कार्यक्रमों में उनके साथ देखा जाता है। पुलिस दबाव में काम कर रही है और इस मामले में जांच को किसी अन्य एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए। साथ ही यह भी बताया कि आरोपी ने मंत्री से मिलीभगत कर याची पर एक झूठी डीडीआर भी दर्ज करवाई है ताकि पूर्व में दर्ज एफआईआर को कमजोर बनाया जा सके। इस मामले में उन्होंने एसएसपी, डीजीपी और मुख्यमंत्री कार्यालय तक सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।
याची ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने का निर्देश जारी करने की भी अपील की है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार सहित मंत्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही एसएसपी होशियारपुर को याची की सुरक्षा से जुड़ी मांग पर निर्णय लेने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई पर सरकार को इस मामले में जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।