पंजाब में धान बीज घोटाले की जांच में जुटी राज्यस्तरीय एसआईटी की नजरें किसानों की उस सोसाइटी पर टिक गई हैं, जिन्हें पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की तरफ शोध किए बीजों को परख के उद्देश्य से उगाने के लिए मुहैया कराए जाते रहे हैं। दूसरी ओर, चंडीगढ़ में कृषि विभाग के अधिकारियों ने इन खबरों का खंडन किया कि घोटाले के तार कृषि विभाग से जुड़े हैं और एसआईटी विभाग की भूमिका खंगाल रही है।
जानकारी के अनुसार एसआईटी ने पीएयू द्वारा गठित किसान सोसाइटी में किसान के तौर पर शामिल लोगों की पृष्ठभूमि की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि किसान सोसाइटी का सदस्य बनने के समय और अब उनकी वित्तीय स्थिति कैसी है।
उल्लेखनीय है कि घोटाले में गिरफ्तार बलजिंदर सिंह जगराओं में 34 एकड़ जमीन का मालिक है और पीएयू द्वारा गठित किसान एसोसिएशन का सदस्य है। सोसाइटी की तरफ से उसे किसानों को नए बीजों व तकनीकों संबंधी जानकारी देने का कार्य सौंपा गया था।
नए बीज की पैदावार के नतीजों का मूल्यांकन करने के लिए पीएयू ने उसे ही प्रयोग के तौर पर बीजाई के लिए पिछले साल धान का नया विकसित बीज पीआर-128 और पीआर-129 दिया गया था। लेकिन उसने परख के तौर पर तैयार की अतिरिक्त फसल के बीज का उत्पादन किया और उसे बिना अधिकार से बराड़ बीज स्टोर को बेच दिया।