संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर थाना में दर्ज गंभीर आरोपों के तहत पहले से पुलिस निगरानी में चल रहे युवक मनिश को अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। मनिश पर बीएनएस 2023 की धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखने, गैंगस्टर गतिविधियों और धमकाने के गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने बताया कि जमानत मिलने पर उसके फरार होने और अपराध करने का खतरा है।
मनिश के वकील ने शादी में उपस्थिति की आवश्यकता बताई लेकिन सरकारी पक्ष ने कहा कि प्रीति आरोपी की वास्तविक बहन नहीं हैं और उसकी मौजूदगी अनिवार्य नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि समाज की सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया किसी विवाह समारोह से अधिक महत्वपूर्ण है और याचिका खारिज कर दी।