पंचकूला। हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्ष केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि भूजल स्तर में सुधार लाने के लिए जिले में सूखे पड़े वाटर ट्यूबवेलों का जल्द से जल्द सर्वे करवा कर उन्हें रिचार्ज करने के लिए एक योजना तैयार करें। उन्होंने सोमवार को सेक्टर - 1 स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम ग्रह में जिला जल संसाधन योजना की बैठक की अध्यक्षता की। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम कोे उन्होंने कहा कि विभागों को नए रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाते समय विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए ताकि उनका बेहतर उपयोग किया जा सके।
उन्होंने संबंधित विभागों को अपनी द्विवर्षीय जल संसाधन योजना एक सप्ताह में तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम के महापौर कुलभूषण गोयल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी, उपायुक्त महावीर कौशिक और सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सतबीर सिंह कादियान भी उपस्थित रहे। सिंचाई विभाग पंचकूला के कार्यकारी अभियंता अनुराग गोयल ने जिला जल संसाधन योजना और द्विवर्षीय जल संसाधन योजना के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल संसाधन योजना के तहत वन, नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचायती राज, भू संरक्षण विभाग का विशेष योगदान होता है। इसलिए अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर अपनी द्विवर्षीय जल संसाधन योजना तैयार करें।
जल संचयन संरचना की जांच करते रहें
पंचकूला में सभी बड़े सरकारी भवनों पर जल संचयन संरचना (वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) को स्थापित किया गया है और वह काम कर रहे हैं। इसके अलावा जल संचयन संरचना के रख-रखाव के लिए जागरूकता अभियान शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर योजनाकार विभाग की तरफ से नए निर्माणों में केवल उपचारित जल के प्रयोग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा जल संरक्षण की नयी परियोजनाएं बनाई जाए। इसके लिए हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण द्वारा फंड उपलब्ध करवाया जाएगा।
इस अवसर पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम, वन विभाग, जिला परिषद, सिंचाई विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि कजौली वॉटर वर्कस से पंचकूला के लिए अतिरिक्त पानी की सप्लाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।