फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन: हरियाणा में पर्याप्त है भंडार, नहीं होगी आटे की किल्लत, अफसरों की ड्यूटियां तय

Sun, 29 Mar 2020 09:38 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
मनोहर लाल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

लॉकडाउन के दौरान हरियाणा के किसी भी जिले में आटे की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए पुख्ता इंतजाम कर लिया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने जिलों में किसी भी प्रकार से आटे की किल्लत न होने दें। इसके लिए सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों व आसपास के जिलों में स्थित आटा मिल संचालकों के संपर्क में रहकर यह सुनिश्चित करें कि आटे की निर्बाध सप्लाई किराना दुकानों तक लोगों के लिए पहुंच रही है।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि पिछले एक-दो दिनों से प्रदेश में आटा किल्लत को लेकर कई तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। मगर इन अफवाहों पर सरकार ने पूर्णतया विराम लगाते हुए सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में आटे की किसी भी प्रकार से कोई कमी नहीं है। प्रदेश की आटा मिलों के साथ-साथ सभी आटा चक्की भी खुली रहेंगी।

प्रदेश की सभी राशन डिपो पर भी लोगों के लिए आटे की सप्लाई पहुंच चुकी है और मार्च महीने का राशन लगभग बंट चुका है। अप्रैल महीने का राशन और आटा भी 5 अप्रैल तक सभी राशन डिपो पर पहुंच जाए। इसके लिए भी सरकार ने सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों की ड्यूटी लगाई है। सभी जिलों के डीसी भी इस व्यवस्था पर नजर रखेंगे कि राशन डिपो पर लाभार्थियों को आटा राशन बिना किसी रुकावट के प्राप्त हो।

विज्ञापन

लॉकडाउन में सब कुछ ठीकठाक चलता रहे, अफसरों की ड्यूटियां तय

हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहे, इसके लिए सरकार ने आईएएस अफसरों को कई व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी है। ये अफसर फील्ड में विभिन्न कार्यों की मॉनिटरिंग करेंगे। किसी प्रकार की दिक्कत आने पर उसकी समस्या का समाधान भी सुनिश्चित करवाएंगे। जरूरतमंदों और स्लम एरिया तक खानपान का समान पहुंचता रहे।

इसकी जिम्मेदारी आईएएस धनपत सिंह, एसएन राय और आईआरएस योगेंद्र चौधरी की रहेगी। लॉकडाउन में जरूरी वस्तुओं के सामानों में लगे वाहनों के ई-पास इत्यादि इंटर स्टेट मसलों को आईएएस विजयवर्धन और टीएल सत्यप्रकाश देखेंगे। प्रदेश में खानपान की सप्लाई समय पर होती रहे। इस बड़ी जिम्मेदारी को सीनियर आईएएस पीके दास निभाएंगे।

दूध, दाल,चीनी इत्यादि की सप्लाई में कोई रुकावट न आए इसकी जिम्मेदारी आईएस संजीव कौशल जे गणेशन आशिमा बराड़ ए श्रीनिवासन की रहेगी। स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम की तमाम गतिविधियां आईएएस टीसी गुप्ता और विकास गुप्ता की निगरानी में रहेंगी। जिलों में पास इत्यादि जारी करने की जिम्मेदारी सभी जिलों के डीसी की रहेगी।

प्रेस आईईसी एक्टिविटी को आईएसपीसी मीना संभालेंगे। पशुओं को चारे की कोई दिक्कत ना हो और पशुओं का स्वास्थ्य ठीक रहे यह सब आईएएस राजा शेखर वुंद्रो देखेंगे। डाटा मॉनिटरिंग आईएस नितिन कुमार यादव, श्रमिक संबंधी मामले विनीत गर्ग, औद्योगिक मामले डॉ साकेत कुमार, कृषि मामले  आईएएस संजीव कौशल व विजय दहिया सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मामले आईएस आनंद मोहन शरण, स्थानीय निकाय संबंधी मामले आईएस एसएन रॉय व सामान्य प्रशासन मामले आईएस विजेंद्र कुमार देखेंगे।

पलायन देख सरकार को सताई प्रवासी श्रमिकों की चिंता

कोरोना के डर से हो रहे श्रमिकों के पलायन को देखते हुए सरकार को अब श्रमिकों की चिंता सता रही है। सीएम मनोहर लाल ने सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए जिलों में सेफ कैंप बनाकर, इन श्रमिकों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जाए। 

सेफ कैंपों में इन सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाए। जिससे यदि कोई भी व्यक्ति कोरोना के संक्रमण की चपेट में आया हो तो उसकी समय रहते जांच हो सके। उसे क्वारंटीन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे श्रमिकों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखें और ऐसे श्रमिकों को यह समझाया जाए कि वे सेफ कैंपों में रहें और इन्हें खाना, चिकित्सा व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राज्य में कार्य करने वाले अधिक से अधिक श्रमिकों को इन सेफ कैंपों में रखा जाए। 
विज्ञापन

इसके अलावा, विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर इन श्रमिकों को चिकित्सा परीक्षण की सुविधा दी जाए। ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण की श्रृंखला को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने जिलों में और जिले की सीमाओं पर नाकाबंदी करके इन श्रमिकों को आगे बढ़ने से रोका जाए और इन्हें सेफ कैंपों में रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने-अपने जिलों में उद्योगपतियों से अनुरोध करें कि वे उनके कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों के रहने और भोजन की व्यवस्था करें और श्रमिकों को किसी भी हाल में जाने के लिए न कहा जाए। मुख्यमंत्री ने गरीब लोगों के लिए चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो लाभार्थी मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना और निर्माण श्रमिक बोर्ड सूची में शामिल नहीं हैं, ऐसे लोगों के पंजीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए ताकि इन लोगों को 1,000 रुपये प्रति सप्ताह की वित्तीय सहायता दी जा सके। 

इसके साथ ही, इन लोगों को सभी बुनियादी आवश्यकताएं भी मुहैया करवाने पर जोर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों की अधिकतम भागीदारी को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की घर द्वार पर आपूर्ति के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल वैन की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

सोशल डिस्टेंस भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में राशन की दुकानें खुली हैं, यह अच्छी बात है, परंतु बाजारों में भीड़ को कम रखने के लिए और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक जिले में दुकानें खोलने के बजाय, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करके घर द्वार पर वितरण की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों से आने वाली सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही भी सुनिश्चित की जाए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें