वहीं, पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने कहा कि यह एक जंग है, जिसे सभी लोग मिलकर लड़ रहे हैं। लोग सतर्क रहेंगे तभी हम इस जंग को जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को समस्या आ रही हैं, जिसे प्रशासन की तरफ से सुलझाने का प्रयास भी हो रहा है। जगतराम ने कहा कि सभी को खुश करना मुश्किल है, इसमें कुछ समय लगेगा।
वहीं, चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी संजय बेनीवाल ने कहा कि कर्फ्यू में ढील का मुख्य मकसद लोगों तक रोजमर्रा का सामान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोगों को संयम और धैर्य रखना होगा तभी कोरोना से लड़ाई लड़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि बुड़ैल की मॉडर्न जेल में मास्क बनाया जा रहा है। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से जो पैक्ड फूड बांटे जा रहे हैं, वह भी बुडै़ल जेल में ही तैयार हो रहा है।
यूटी सचिवालय में बनाया गया वॉर रूम
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने बताया कि कर्फ्यू के दौरान शहर के हालातों की समीक्षा विभिन्न स्तर पर की जा रही है। इस दौरान उन्होंने यूटी सचिवालय में एक वॉर रूम बनाया है, जिसमें रोजाना सुबह 11 बजे से सभी अधिकारियों के साथ बैठक होगी। उन्होंने कहा कि इस रूम में ही एनआईसी की मदद से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही हलचल को देखा जाएगा। बताया कि कर्फ्यू लगने की वजह से सड़कों पर न के बराबर गाड़ियां हैं।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी माना कि शहर में सब्जियों के वितरण में काफी समस्या आ रही है। कहा कि उन्हें ज्यादा दाम पर सब्जियां बेचने जैसी कई शिकायतें मिली हैं। इस पर नगर निगम की विभिन्न टीमों की तरफ से काम किया जा रहा है। नगर निगम इसके लिए जोमैटो से भी बातचीत कर रही है ताकि लोगों तक जल्द से जल्द सब्जी पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि गांव और शहर की हाउसिंग सोसायटियों में भी सब्जियां आदि पहुंचाने में समस्या आ रही है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। एक-दो दिन में वह भी ठीक हो जाएगा।
पूरे देश में अनिवार्य सेवाओं को छूट
बदनौर ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशानुसार ही कर्फ्यू में ढील दी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पहली बार कर्फ्यू में ढील दी गई है और लोगों को बाहर जाने की अनुमति दी गई है। कितनी भी गंभीर स्थिति में तीन-चार दिन बाद कर्फ्यू में ढील देनी ही पड़ती है।
कहा कि प्रशासन पहले इस पर विचार कर रहा था कि कर्फ्यू को दो घंटे के लिए खोला जाए लेकिन इससे ज्यादा समस्या पैदा हो सकती थी। दुकानों पर काफी भीड़ इकट्ठा हो सकती थी। इस वजह से प्रशासन ने इसे लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास राशन आदि का स्टॉक मौजूद है, वह, इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं।
घर-घर जाकर चेक करेंगे डॉक्टर: मनोज परिदा
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि प्रशासन की तरफ से डॉक्टरों की एक मोबाइल टीम बनाई गई है, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में जाकर लोगों की जांच करेगी और जिसे क्वारंटीन या फिर इलाज की जरूरत होगी उसे अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द ही विभिन्न एनजीओ का भी सहारा लेगा जो शहर में लंगर चलाने को इच्छुक हैं। परिदा ने कहा कि कर्फ्यू में दी गई ढील मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस रिपोर्ट, डीसी की ग्राउंड रिपोर्ट और सभी अधिकारियों से चर्चा के बाद फैसला लिया गया है।