पंचकूला। राज्यभर से पहुंचे एलसीएलओ पदधारकों ने मंगलवार को सेक्टर-5 के धरना स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान विभाग के जॉइंट कमिश्नर दीपक के साथ प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई और अतिरिक्त उपायुक्त पंचकूला को मांगपत्र सौंपा गया। यूनियन ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो सितंबर में मुख्यमंत्री के गृह जिले कुरुक्षेत्र में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। धरने को सीटू ने दिया समर्थन। धरनास्थल पर हुई रोष सभा में सीटू की राज्य अध्यक्ष सुरेखा, जिला प्रधान रमा और जिला सचिव लच्छीराम ने भी भाग लिया। सुरेखा ने कहा कि सरकार ने विज्ञापन निकाल कर, परीक्षा लेकर योग्य युवाओं की भर्ती की थी, लेकिन बाद में पोस्ट का नाम बदलकर उन्हें कमीशन आधारित प्रणाली में डालकर बेरोजगारों की सूची में वापस धकेल दिया गया। यह पढ़े-लिखे युवाओं के साथ भद्दा मजाक है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एलसीएलओ के राज्य महासचिव पवन पलवल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दिसंबर 2023 में करीब 7500 पदों के लिए भर्ती की गई थी, जिसमें लिखित परीक्षा और कठिन मुख्य परीक्षा (नेगेटिव मार्किंग सहित) ली गई थी। परीक्षा परिणाम आने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को विभाग की वेबसाइट पर प्रस्ताव पत्र जारी किए गए। शुरू में सभी चयनित उम्मीदवारों को नियमित नियुक्ति की उम्मीद थी, लेकिन बाद में विभाग ने बिना किसी सूचना के चुयनितों को दो हिस्सों में बांट दिया गया। कुछ को क्रिड पंचायत लोकल ऑपरेटर बनाया गया जिन्हें 6000 प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। जबकि शेष को लोकल कमेटी लोकल ऑपरेटर बना दिया गया जिन्हें केवल कमीशन आधारित कार्य दिया गया। लेकिन आज तक एक भी एलसीएलओ को कोई कमीशन भुगतान नहीं किया गया। पवन ने इसे गैर-कानूनी और चयनित उम्मीदवारों के साथ धोखा करार देते हुए आंदोलन को और तेज़ करने की बात कही। इस दौरान राज्य स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्हें राज्य कमेटी सदस्य के रूप में जिम्मेदारियां दी गईं। जिसमें नीतू प्रधान करनाल, नीतिश कोषाध्यक्ष मुरथल, नवीन झज्जर, सतीश नूंह, राकेश कैथल, रितु सोनीपत, संदीप रोहतक, सुशीला पलवल, गुरप्रीत करनाल सहित अन्य जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।