लक्खा सिधाना के भाई गुरदीप सिंह मुंडी को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा अवैध तरीके से हिरासत में रखने और पूरी रात उसके साथ मारपीट और टॉर्चर करने के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
जस्टिस दीपक सिब्बल ने यह नोटिस गुरदीप सिंह मुंडी द्वारा एडवोकेट अर्शदीप सिंह के जरिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है । मुंडी ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के पुलिस कर्मियों के खिलाफ अवैध तरीके से हिरासत में रखने और पूरी रात उसके साथ मारपीट और टॉर्चर करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
याचिका में गुरदीप सिंह मुंडी ने हाईकोर्ट को बताया है कि वह पंजाबी यूनिवर्सिटी में बीपीएड का छात्र है और लक्खा सिधाना का फर्स्ट कजन है। लक्खा सिधाना पर 26 जनवरी को दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा का मामला दर्ज है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने 8 अप्रैल को पटियाला के अर्बन एस्टेट से उसे शाम साढ़े 7 बजे उठा लिया था जब वह अपने एक दोस्त गुरप्रीत सिंह के साथ यूनिवर्सिटी जा रहा था।
टार्चर के बाद अंबाला बस स्टैंड पर छोड़ दिया
गुरदीप सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस उसे हिरासत में लेकर किसी अनजान जगह पर ले गई थी । उससे लक्खा सिधाना के बारे में जानकारी मांगी गई और इस दौरान उससे काफी मारपीट की गई। उसे यहां तक कहा गया कि अगर वह लक्खा सिधाना की जानकारी नहीं देगा तो उसके खिलाफ भी फर्जी मामले दर्ज कर दिए जाएंगे। उसने बताया कि पूरी रात टॉर्चर करने के बाद उसे अंबाला बस स्टैंड पर छोड़ दिया गया। घर पहुंचने के बाद उसने इस पूरी घटना के बारे में अपने परिवार को बताया और अपना मेडिकल करवाया।