पंचकूला। करीब आधे घंटे दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश में सोमवार को नगर निगम की सारी व्यवस्थाएं बह गईं। अचानक हुई बारिश से देखते ही देखते कई सेक्टरों और औैद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव के हालात पैदा हो गए। सड़कें लबालब पानी से भर गईं। इससे वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। औद्योगिक क्षेत्र फेज 1 और 2 की सड़कें नालों में तब्दील हो गई। अनेक सेक्टरों में घरों में भी पानी घुस गया।
इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा अंडरपास मेें पानी भरने और वाहन के बंद होने से जाम लग गया। वहां भी वाहनों चालक बेहाल रहे। सोमवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए थे। ठंडी हवा चल रही थी। दिन में थोड़ी देर के लिए धूप भी निकली। शाम 5 बजे अचानक आसमान में अंधेरा छा गया और बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के साथ 15 मिनट तक जबरदस्त बारिश हुई।
जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
शहर के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर-19, 20 और फेस-2 में हालात ज्यादा खराब रहे। सेक्टर-20 में देर रात तक सड़कों से पानी की निकासी नहीं हो सकी। सेक्टर-19 अंडरपास में भी पानी भर गया था। लोगों को उसमें से वाहन निकालने में डर लग रहा था। इसी कारण वहां पर जाम लग गया। काफी देर तक वाहन अंडरपास में भरे पानी में ही फंसे रहे। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र फेस-1, फेस-2, 12, 12ए, 14, 15, 16, सेक्टर-9 की मार्केट में भी जलभराव के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से बढ़ी ठंड, प्रदूषण स्तर घटा
बारिश के कारण हवा में ठंडक घुल गई। लोगों ने अपने एसी बंद कर दिए। वहीं दूसरी ओर हवा में प्रदूषण का स्तर भी एकदम से कम हो गया। दिनभर का औसत एक्यूआई जहां 71 था वह बारिश के बाद 32 तक हो गया। प्रदूषण में कमी आने से लोगों ने भी राहत महसूस की। वातावरण इतना साफ हो गया था कि शहर से हिमाचल की पहाड़ियां भी साफ नजर आ रही थी।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मानसून आने से पहले शहर की सड़कों और सीवर की सफाई अच्छे से कर दी जाए, ताकि शहरवासियों को बारिश के दौरान जलभराव का सामना न करना पड़े।
- कुलभूषण गोयल, मेयर, नगर निगम