रायपुररानी। नगर योजनाकार की टीम ने रायपुररानी क्षेत्र में चंडीगढ़-देहरादून मार्ग और त्रिलोकपुर चौक सहित गांव टिब्बी माजरा व अनाज मंडी एरिया में आठ अवैध निर्माणों को वीरवार को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया, लेकिन कार्रवाई जारी रही। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। जिला नगर योजनाकार महिला अधिकारी प्रियम भारद्वाज ने कहा कि विभाग की तरफ से लोगों को सूचित किया है कि अनुसूचित व राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ लगती 30 मीटर और 60 मीटर प्रतिबंधित पट्टी में कोई भी निर्माण कार्य न करें, क्योंकि यहां पर किसी भी तरह का निर्माण करने की अनुमति नहीं है।
अतिरिक्त नियंत्रण क्षेत्र में कोई भी अवैध निर्माण विकसित करने से पहले निदेशक नगर व ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा चंडीगढ़ की ओर से विभागीय अनुमति ली जानी आवश्यक है। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अर्बन एरिया एक्ट 1975 पैरीफेरी नियंत्रक क्षेत्र 1952 व नियंत्रित क्षेत्र 1993 के तहत विभाग कानूनी कार्रवाई करता है। वहीं, उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है। इसमें तीन साल के कारावास और भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।
अनुमति के बिना नहीं करें निर्माण कार्य
प्रियम भारद्वाज ने जनता से अनुरोध किया है कि विभाग से सीएलयू की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के छोटे या बड़े निर्माण न करें ताकि जनता की मेहनत का पैसा बर्बाद न हो और अनाधिकृत अवैध निर्माणों पर रोक लग सके। इस अभियान के दौरान नायब तहसीलदार रायपुररानी श्याम सुंदर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।
लोगों ने विभाग की कार्रवाई पर जताया रोष
रायपुररानी। जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम द्वारा रायपुररानी क्षेत्र में निर्माण गिराने संबंधी की गई कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के लोगों ने धक्केशाही बताकर प्रदेश की गठबंधन सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। क्षेत्रवासी एडवोकेट बलविंद्र, दर्शन लाल, पवन सैनी, निखिल मंगला, देवेंद्र सिंह, प्रदीप पारवाला, अनिल कुमार, सागर, पवन पराशर, मोहन लाल, रामधारी, कुबेर शर्मा, अजय वर्मा, रामकिशन प्रजापत, बरखा राम ने बताया कि सरकार तो जनता के साथ अन्याय कर ही रही है वहीं जनता द्वारा चुने गए नुमाइंदे जिला परिषद सदस्य, ब्लाक समिति सदस्य सहित स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधि भी जनता के पक्ष में नही आते व इस प्रकार के नुमाइंदे होने के कारण लोगों मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं कालका विधायक प्रदीप चौधरी ने भी विभागीय कार्रवाई की निंदा कर इसे सरकार और विभाग की नाकामी बताई। विधायक चौधरी ने कहा कि स्थानीय लोगों के शिष्टमंडल के साथ पंचकूला उपायुक्त के समक्ष पूरी समस्या रख नियमित समाधान की मांग की जाएगी।