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Panchkula News: जन औषधि केंद्र में दवाएं न सुविधाएं, बाहर से मिलती हैं महंगी दवा तो मरीज कहां जाएं

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पंचकूला। शहर के सिविल अस्पताल सेक्टर-6 के जन औषधि केंद्र को शुरू हुए पांच महीने हो गए हैं। इसके बावजूद यहां इलाज करवाने के लिए आने वाले मरीजों को न तो सुविधाएं मिल रही हैं और न ही दवाएं दी जा रही हैं। ऐसे में यहां आकर मरीज सोच में पड़ जाते हैं कि वह डॉक्टर की ओर से लिखी गई दवाएं लेने कहां जाएं। इसके साथ ही जन औषधि केंद्र के आसपास सफाई नहीं होने के कारण गंदगी का आलम है। यह जन औषधि केंद्र अस्पताल के पीछे के एरिया में बना दिया गया है। इस केंद्र में केवल दो बजे तक ही स्टाफ बैठता है। इसके अलावा स्किन, हार्ट सहित अन्य सभी बीमारियों की जेनेरिक दवाएं नहीं मिल पाती हैं।
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इस कारण आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। जबकि यह बताया जा रहा है कि सिविल अस्पताल में 233 प्रकार की मेडिसिन उपलब्ध हैं। सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल मेंं रोजाना 4500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को ब्लड प्रेशर सहित अन्य दवाएं मिलती हैं। जेनेरिक दवाओं के साथ कई बीमारियों स्किन, हार्ट, न्यूरो, आंख की कई दवाएं बाहर से लोगों को ब्रांडेड खरीदनी पड़ रही हैं। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है।


बच्ची के चेहरे पर इंफेक्शन की दवा नहीं मिली

मरी बच्ची के चेहरे पर एक सप्ताह पहले इंफेक्शन हो गया है। कईं दवा लेने पर पर भी यह ठीक नहीं हो रहा था। डॉक्टर ने जो लिखकर दी वह दवाएं बाहर से खरीदकर लानी पड़ी हैं। इसके लिए बाहर एक हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं। जेनेरिक स्टोर में यह दवाएं नहीं मिली पाई हैं। -अमित मिश्रा, निवासी माढ़ावाला
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दवाएं नहीं मिलने से हुई परेशानी

मैं पत्नी का इलाज करवाने यहां आया था। हार्ट सहित अन्य ब्रांडेड दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ी हैं। आज भी 250 रुपये की दवाएं बाहर से लानी पड़ी हैं। दवाएं नहीं मिलने के कारण पैसे अधिक खर्चने पड़े हैं। जेनेरिक केंद्र में सभी दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे लोगों की जेब न कटे। -कन्हैयालाल, निवासी सेक्टर-46, चंडीगढ़।


ऑपरेशन के लिए आंख की दवा नहीं मिली

मेरी आंख का ऑपरेशन होना है। सिविल अस्पताल में इसके लिए पट्टी और किट बाहर से एक सौ तीस रुपये में खरीदनी पड़ी। जबकि जन औषधि केंद्र से यह पट्टी और किट खरीदें तो सस्ती मिल जाती है। लेकिन अस्पताल के दवाखाने में यह पट्टी नहीं होने से लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। -निर्मला देवी, निवासी पिंजौर।


मजबूरी में बाहर से दवा खरीदी
मेरी आंख में इंफेक्शन होने के कारण बार-बार अधिक आंसू आ रहे हैं। डॉक्टर को दिखाया तो उनकी ओर से इसको ठीक करने के लिए कुछ दवा लिखी गई है। बाहर से 500 रुपये की दवाई मिली है। यह अस्पताल के जन औषधि केंद्र में नहीं मिली है। इस कारण परेशानी हुई है। -सुषमा निवासी कालका

सिर में चोट लगी थी, नहीं मिली दवाएं

मेरे सिर पर चोेट लगी थी। इसके बाद अब अक्सर चक्कर आ जाता है। इसमें दवाएं कई बार सही तरीके से नहीं मिलीं। आज भी 300 रुपये की दवाएं खरीदनी पड़ी हैं। मेरी मांग है कि सभी दवाएं जन औषधि केंद्र पर जेनेरिक मिलनी चाहिए। -चंचल, निवासी बद्दी

सिविल अस्पताल के जन औषधि केंद्र मेंं दवाएं रखी जा रही हैं। मरीजों की मांग के अनुसार जेनेरिक दवाएं मंगाई जा रही हैं। यहां पर आने वाले जिन मरीजों को जो दवाएं नहीं मिल रही हैं उनके लिए सभी जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। -आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल, पंचकूला।
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