चंडीगढ़। हरियाणा के महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए पहले चरण में सहायक प्रोफेसर के 1922 पदों को जल्द भरा जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने हरियाणा लोक सेवा आयोग को पद भरने की मांग भेज दी है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दूसरे चरण में दो हजार सहायक प्रोफेसर की भर्ती होगी।
शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खोले गए 68 नए महाविद्यालयों के भवनों में से 24 महाविद्यालयों के भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 24 महाविद्यालयों के भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 22 महाविद्यालयों के नए भवनों के निर्माण के लिए अभी जमीन उपलब्ध नहीं हुई, उसकी प्रक्रिया जारी है। महाविद्यालयों की जमीन के लिए निदेशक पंचायत व संबंधित जिले के डीसी के साथ विभाग बैठक करेगा ताकि जमीन का मामला जल्द सुलझाया जा सके।
नई शिक्षा नीति पर हर 15 दिन में एक बार बैठक होगी। बैठक में हरियाणा सरकारी महाविद्यालयों की एसोसिएशन, एक्टेंशन लेक्चरर और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों की एसोसिएशन से साथ कई मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों और जिलों के पुस्तकालयों में ढांचागत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
कांग्रेस शासन के सात साल में नहीं हुए गरीब बच्चों के दाखिले
शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के 2007 से 14 तक के कार्यकाल में 134-ए के तहत निजी स्कूलोें में गरीब बच्चों का कोई दाखिला नहीं हुआ। भाजपा सरकार ने 2015 में नियम लागू किया। पहले 134-ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 10 प्रतिशत दाखिले किए जाते थे, जबकि अब सरकार ने आरटीई अधिनियम के तहत इन्हें बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। पहली कक्षा में आरटीई के तहत दाखिला करवाया जाएगा। किसी भी निजी स्कूल का बकाया सरकार की ओर नहीं है। स्कूल संचालकों की यूनियन भी उनसे मिली थी, उन्होंने भी कोई मांग नहीं की। अगर कोई दावा करता है, तो सरकार पैसा देगी।