कचरा, लावारिस पशु और बंद स्ट्रीट लाइटों से बदहाल फेज-1 और 2 16 करोड़ में री-कार्पेटिंग का काम सितंबर में शुरू होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में सफाई, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और सड़कों की जिम्मेदारी को लेकर विभागों की खींचतान से बदहाली बढ़ रही है। कचरे के ढेर, खुली नालियां, बंद स्ट्रीट लाइटें और लावारिस पशुओं की समस्या से व्यापारी और हजारों कर्मचारी परेशान हैं। वहीं राहत की बात है कि एचएसआईआईडीसी ने 22 किलोमीटर सड़क की री-कार्पेटिंग और रोड फर्नीचर का काम 16 करोड़ रुपये में अलॉट कर दिया है। मानसून के बाद सितंबर में काम शुरू होगा।
जिम्मेदारी को लेकर विभागों में असमंजस
नए सरकारी आदेश के बाद इंडस्ट्रियल एरिया के सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज विंग को नगर निगम के हवाले किया गया है, लेकिन सैनिटेशन की जिम्मेदारी को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नगर निगम कमिश्नर विनय कुमार का कहना है कि इंडस्ट्रियल एरिया अभी तक निगम के अधीन नहीं था। नए अरेंजमेंट में सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निगम को मिला है, जबकि सैनिटेशन और अन्य विंग एचएसआईआईडीसी के पास हैं।
इसके विपरीत एचएसआईआईडीसी का कहना है कि सैनिटेशन विंग हमेशा से नगर निगम के पास रहा है। मेन रोड और पार्क पीएमडीए देखता है, जबकि इंटरनल रोड एचएसआईआईडीसी के अधीन हैं। अधिकारियों के अलग-अलग दावों से जुरिस्डिक्शन को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। इसका खामियाजा इंडस्ट्रियल एरिया के व्यापारियों और कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
सितंबर में शुरू होगी सड़कों की मरम्मत
सालों से टूटी-फूटी और गड्ढों वाली सड़कों से अब राहत मिलने की उम्मीद है। एचएसआईआईडीसी सितंबर में 22 किलोमीटर रोड नेटवर्क की री-कार्पेटिंग शुरू करेगा। प्रोजेक्ट में सड़कों के साथ फुटपाथ, पेवर ब्लॉक, जरूरत के अनुसार सीसी रोड, प्लॉट इंडिकेटर, रोड स्टड्स, रोड मार्किंग और ट्रैफिक साइन भी लगाए जाएंगे। इस संबंध में एचएसआईआईडीसी के इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ अभियंता अजय मोहन बंसल से संपर्क नहीं हो पाया।
22 करोड़ का टेंडर, 16 करोड़ में अलॉट
एचएसआईआईडीसी के एसडीओ ऋषि के अनुसार 22 किलोमीटर सड़क की री-कार्पेटिंग और रोड फर्नीचर का काम 16 करोड़ रुपये में अलॉट किया गया है। पहले 22 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया था। सबसे कम बोली लगाने वाली फर्म को काम दिया गया है और मुख्यमंत्री से इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है। मानसून खत्म होने के बाद सितंबर में काम शुरू किया जाएगा।