चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूलों को खोलने के लिए शिक्षा विभाग ने कुछ बदलाव किए हैं। बोर्ड की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की कक्षाएं रोज लगाने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों की भीड़ न लगे इसके लिए सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना पर रोक लगा दी गई है। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने स्कूल प्रमुखों को सभी नए बदलाव तत्काल लागू करने की हिदायत दी है।
पंजाब में 2 अगस्त से सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त स्कूल पूरी तरह खोल दिए गए हैं। इस कारण कोरोना वायरस की स्थिति से निपटने के लिए और इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए शिक्षा मंत्री ने नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं। सिंगला ने सोमवार को बोर्ड की सभी कक्षाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई को उचित ढंग से चलती रहे इसके लिए रोज कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों की अधिक संख्या और कमरों की कमी वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को अलग-अलग तौर पर बुलाने के लिए स्कूल मुखियों को छूट दी है।
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नॉन बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की हाजिरी के संबंध में कमरों की उपलब्धता के अनुसार स्कूल प्रमुख अपने हिसाब से फैसला लेंगे। इस संबंध में विद्यार्थियों को अलग तौर पर भी बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक कमरे में 25 से 30 विद्यार्थियों को ही उचित दूरी पर बैठाया जाए और एक बेंच पर केवल एक विद्यार्थी ही बैठे। उन्होंने संक्रमण से बचाव के लिए जारी निर्देशों का पालन करने और विद्यार्थियों में आपसी दूरी बनी रहे इसलिए सुबह की सभा से भी छूट देने के निर्देश दिए हैं।