चंडीगढ़। विदेश भेजने के नाम पर भोले-भले लोगों को चूना लगाने वाले कबूतरबाजों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इमिग्रेशन एजेंट युवाओं के सपनों का शिकार कर रहे हैं और ऐसे आरोपी जमानत के हकदार नहीं है। अदालत ने कनाडा का वीजा दिलाने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है ताकि ठगी के नेटवर्क का खुलासा हो सके।
लुधियाना निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे और उसके परिवार को कनाडा का वर्क परमिट और पीआर दिलाने का झांसा दिया था। विश्वास में आकर शिकायतकर्ता ने लाखों रुपये आरोपी के हवाले कर दिए लेकिन महीनों बीतने के बावजूद भी न तो वीजा मिला और न ही आरोपी ने पैसे वापस किए।
जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मासूम लोग अपनी जीवन भर की कमाई इन एजेंटों को सौंप देते हैं। लोगों की मासूमियत का फायदा उठाकर उनसे ठगी की जाती है। आरोपी के खिलाफ सबूत हैं और जांच को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसे पुलिस हिरासत में दिया जाना आवश्यक है।