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सेक्टर-26 में रोजाना लगती है अवैध मंडी

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सेक्टर-26 में सड़क किनारे लगी अवैध मंडी। - फोटो : PKL OFFICE
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पंचकूला। सेक्टर-26 में रोजाना लगने वाली अवैध मंडी हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के दावों की पोल खोल रही है। एचएसवीपी, नगर निगम और सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद भी किसी भी अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की। जबकि इस अवैध मंडी से जहां दुकानदारों को रोजाना नुकसान हो रहा है, वहीं सेक्टर-26 के लोगों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मंडी उठने के बाद यहां लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगता है, जो यहां से गुजरने वालों पर हमला करते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई लोग तो हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। लेकिन विभागीय अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। सेक्टर-26 के दुकानदारों ने इस समस्या से निजात पाने के लिए मेयर कुलभूषण गोयल से मिलकर गुहार लगाई है। लोगों ने बताया कि मंडी के चलते जहां सड़क और आसपास गंदगी फैल रही है। वहीं, लावारिस पशु सारा दिन कूड़े में मुंह मारते हैं और यहां से गुजरने वालों पर हमला करते हैं। उन्होंने इस अवैध मंडी को तत्काल हटवाने की मांग की है।
मेयर कुलभूषण गोयल ने दुकानदारों को आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही इस समस्या का समाधान करवाएंगे। मेयर को शिकायत देने वालों में सेक्टर-26 मदनपुर के दुकानदार राजकुमार, पवन कुमार, कपिल, शेर सिंह, रामदिया, कालाराम, रवि कुमार, रोशन लाल, नरेश कुमार, बलदेव, अमित कुमार, मीरा, हंसराज, रीतू, श्यामलाल, रोहित शामिल थे। दुकानदारों ने बताया कि वह इस मामले को लेकर नगर निगम और सीएम विंडो पर भी शिकायत दे चुके हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले तो यहां केवल सब्जी मंडी लगती थी, लेकिन अब कपड़ा, खिलौना, राशन समेत अन्य दुकानें भी लगती हैं, जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है।
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सेक्टर-7 में सड़क किनारे लगती है फ्रूट मंडी
सेक्टर-7 मार्केट में रोजाना सड़क के किनारे ही फ्रूट मंडी लगती है। इससे यहां से होकर गुजरने वालों को जाम का सामना करना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए स्थानीय लोग लिखित में कई बार हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और एचएसवीपी के संपदा अधिकारी अनिल दून से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब वह शिकायत करते हैं तो विभाग के अधिकारी मौके पर आते हैं। लेकिन अधिकारियों के आने से पहले ही फ्रूट की रेहड़ी लगाने वालों को सूचना मिल जाती है और वह इधर-उधर हो जाते हैं। इसके बाद जैसे ही अधिकारी यहां से जाते हैं रेहड़ी वाले दोबारा से काबिज हो जाते हैं। लोगों ने फ्रूट मंडी को हटाने की मांग की है।
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