पंचायत मंत्री का कब्जे वैध करने का प्रस्ताव नहीं हुआ मंजूर, फिरनी और शामलात भूमि की भी मांगी गई रिपोर्ट
जोहड़ों की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाने की तैयारी
कई स्थानों पर पैमाइश का कार्य शुरू, कब्जे वैध करने का प्रस्ताव सरकार ने नहीं माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवाला। गांवों में जोहड़ों की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को अब हाईकोर्ट के आदेशों के तहत हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन ने इस दिशा में कार्रवाई तेज करते हुए कई स्थानों पर पैमाइश का कार्य भी शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार द्वारा जोहड़ों की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को वैध करने का सुझाव दिया गया था, लेकिन सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद अब जोहड़ों की भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जानकारी के अनुसार सरकार ने गांवों की फिरनी और शामलात भूमि पर हुए अवैध निर्माणों की भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलने के बाद इन मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि यदि जोहड़ों पर हुए कब्जों को वैध कर दिया जाता तो फिरनी, गोचरान और अन्य सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वालों की ओर से भी ऐसी मांग उठ सकती थी। इससे गलत संदेश जाता और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को बढ़ावा मिलता।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।