कैप्टन अमरिंदर सिंह, आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह।
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आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने जल्द सेवामुक्ति का आग्रह करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना इस्तीफा दे दिया। कैप्टन ने मंगलवार को आईजी का इस्तीफा नामंजूर करते हुए कहा कि वे बहुत ही समर्थ और कुशल अफसर हैं और उनकी सेवाओं की सीमावर्ती राज्य को जरूरत है।
आईजी विजय प्रताप बरगाड़ी मामले से जुड़े कोटकपूरा और बहिबल कलां मामलों की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के प्रमुख हैं। हाईकोर्ट ने हाल ही में उन्हें एसआईटी से हटाकर नए सिरे से टीम गठित करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि कुंवर विजय प्रताप सिंह को एसआईटी के प्रमुख से हटाने या केस की जांच रद करने के फैसले को उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। आईजी और उसकी टीम ने कोटकपूरा मामले की तेजी से जांच कर शानदार काम किया है, जिसे अकालियों ने पिछले चार साल से रोकने की पूरी कोशिश की।
विजय प्रताप के अनुभव और महारत की राज्य को जरूरत : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय प्रताप जैसे अफसर के अनुभव और महारत की राज्य को जरूरत है। खासकर ऐसे समय पर जब पंजाब विभिन्न आंतरिक और बाहरी खतरों का सामना कर रहा है। उन्होंने पंजाब पुलिस में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए बेहतरीन सेवाएं दी हैं। वे एक कुशल, काबिल और साहसी अफसर हैं, जिनका बेमिसाल ट्रैक रिकॉर्ड है।