अस्थायी नंबर प्लेट और बिना परमिट के ऑटो और निजी बसों की मनमानी से यात्री बेहाल
मनमर्जी का किराया और रूट उल्लंघन से यात्रियों में नाराजगी
चरन सिंह टिब्बी
पंचकूला। शहर में अस्थाई नंबर प्लेट वाले ऑटो रिक्शा और निजी बसों की मनमानी से लोग परेशान हैं। शहर में करीब 5,000 ऑटो चल रहे हैं, जिनमें सैकड़ों ऑटो अवैध रूप से चल रहे हैं। ये न तो पंजीकृत हैं और न ही उनके पास परमिट है। इसके बावजूद ये दिन-रात यात्रियों को ढो रहे हैं।
स्थिति यह है कि निजी बस संचालक भी खुलेआम परमिट नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। शहर में लगभग 10 फीसदी निजी बसें संचालित हैं। कई बसों का परमिट पंचकूला-कालाअंब तक का है लेकिन वे नारायणगढ़ बस स्टैंड पर ही यात्रियों को उतार देती हैं। इसी तरह, पंचकूला–शाहा परमिट वाली बसें शहजादपुर में ही यात्रियों को उतार देती हैं, जिससे उन्हें बीच रास्ते में उतरकर दूसरा साधन तलाशना पड़ता है।
हैरानी की बात यह है कि जब परिवहन विभाग से शहर में चल रहे ऑटो की संख्या की जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने कहा कि उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। समाजसेवी भारत भूषण बंसल अमरावती ने कहा कि विभाग की अनदेखी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग की प्रतिक्रिया
जिले में यदि निजी बसों और ऑटो रिक्शा के संबंध में नियमों की अवहेलना की कोई भी शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना परमिट या रजिस्ट्रेशन के चलने वाले ऑटो और तय रूट से हटकर चलने वाली बसों पर कार्रवाई की जाएगी ताकि समय रहते यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके। हैरतजीत कौर, बराड़ा आरटीओ पंचकूला