रामगढ़। सेक्टर 27 की सोसाइटियों के पास बने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के बड़े पार्क में लगे खराब श्रेणी के झूले बुधवार को उतरवा लिए गए। अमर उजाला में 18 मार्च को छपी खबर पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में प्राधिकरण ने मान लिया है कि शाकुंभरी इंजीनियर्स की ओर से घटिया काम किया गया था। मामले में जांच के बाद प्राधिकरण ने पाया कि जिस कंपनी के झूले बिल में लगाए गए थे वे झूले मौके पर नहीं लगाए गए।
संबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि तुरंत प्रभाव से झूले उतरवाने के बाद बिल में उल्लेखित कंपनी ओकेवी के झूले पार्क में लगाए जाएं। इस मामले में में संबंधित जेई और एसडीओ की भी बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। क्योंकि जब झूले लग रहे थे, तो उन्होंने उनकी जांच नहीं करवाई। ठेका लेने वाली संस्था की ओर से घटिया क्वालिटी के झूले लगाकर प्राधिकरण से लगभग साढ़े 7 लाख रुपये का पेमेंट ले लिया गया था।
झूले की क्वालिटी इतनी घटिया थी कि वे किसी भी समय टूट सकते थे। लगभग 4 महीने पहले यह झूले लगाए गए थे और बिल पहले ही तैयार हो गया था। झूलों का बेस बिल्कुल ही कमजोर था। हाथ लगाने से ही लोहे के लगाए गए झूलों के एंगल हिलने लगते थे। लकड़ी के बीच पेंच फंसाकर झूलों को सपोर्ट पर खड़ा किया गया था। शाकुंभरी इंजीनियर्स ने जो स्लाइड बच्चों के लिए बनाई थी, वह आगे से उठी हुई है और जब भी बच्चे उसमें स्लाइड लेते हैं तो उन्हें चोट लग जाती थी।
इस मामले में लोगों की मांग है कि इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए, क्योंकि सरकारी खजाने पर इस कंपनी ने गलत तरीका अपनाकर सेंध लगाई गई है। यदि स्थानीय लोग जागरूक न होते तो ठेकेदार की लापरवाही से बड़ा हादसा हो जाता।ठेकेदार के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए।
बुधवार को ठेकेदार के कर्मचारी झूला तो उतारकर ले गए, लेकिन वहां पर मलबा फैलाकर चले गए। शाम को वहां पर जब बच्चे खेलने के लिए आए, तो उनके पैरों में मलबा भी चुभ गया।