पंचकूला। पुलिस कमिश्नर पंचकूला डॉ. हनीफ कुरैशी ने मंगलवार सुबह जिले के सभी एसीपी और एसएचओ की मीटिंग ली। इसमें उन्होंने जघन्य अपराध, साइबर फ्राड सहित अन्य मुद्दों पर मीटिंग की। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पंचकूला पुलिस की ओर से साइबर फ्राड मामले में भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल ही नहीं किया जा रहा था। उन्होंने सभी साइबर हेल्प डेस्क इंचार्ज को कहा है कि वह भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल से 15 दिन की ट्रेनिंग लें और उससे मिलने वाले सर्टिफिकेट कमिश्नर ऑफिस में जमा करवाएं। इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। इस ट्रेनिंग के बाद से सभी थानों में साइबर फ्राड के मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी।
पुलिस कमिश्नर ने थानों में खुले साइबर हेल्प डेस्क इंचार्ज को शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे लोगों की शिकायत रजिस्टर करने को कहा। इसके लिए सभी थानों में अलग से कंप्यूटर सेट भी साइबर हेल्प डेस्क इंचार्ज को दिए जाएंगे। इस मीटिंग में खास बात यह रही कि भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल से साइबर हेल्प डेस्क इंचार्ज को 15 दिन की ट्रेनिंग भी दिलवाई जाएगी ताकि उन्हें साइबर फ्राड की शिकायत दर्ज करवाने में कोई समस्या न आए।
क्राइम ब्रांच की टीम को किया जाएगा मजबूत
इस मीटिंग में जघन्य अपराध को लेकर क्राइम ब्रांच की टीम को और मजबूत बनाने पर प्लानिंग चल रही है। पुलिस कमिश्नर डॉ. हनीफ कुरैशी ने बताया कि पंचकूला की क्राइम ब्रांच की टीम में नए और ट्रेंड पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी। साथ ही एक सॉफ्टवेयर भी बनाया जाएगा जिसमें जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों और गैंगस्टर का खाका तैयार किया जाएगा। गैंगस्टर के गुर्गे और उससे जुड़े सभी अपराधियों के खिलाफ पंचकूला में दर्जन मामलों के तहत विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
अंबाला जेल में बैठे अपराधियों पर रखी जाएगी नजर
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें अंबाला जेल में बैठे गैंगस्टर या अपराधी पंचकूला में होने वाले अवैध खनन और आपराधिक वारदातों में संलिप्त होते हैं। इसके अलावा लूट की वारदातों में भी इन गैंगस्टर का नाम आता है जो कि अंबाला जेल में कैद हैं। ऐसे गैंगस्टर पर नजर रख कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।