पंचकूला। इन दिनों एलपीजी सिलिंडर की किल्लत के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। इसके चलते बाजार में लकड़ी और कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है। पंचकूला जिले के होटलोंं मेंं व्यवसायी गैस का विकल्प तलाशने में जुटे हैं।
पंचकूला के होटल व्यवसायी आसपास के क्षेत्रों में कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है। इसे लेकर कोयला और लकड़ी की आपूर्ति अधिक हो गई है। सेक्टर -10 निजी होटल के मैनेजर नीरज सिन्हा ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो रही है। यह पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इसके बाद लकड़ी और कोयला की खपत दो गुना से अधिक हो गई है। जहां कोयला की खपत दस किलो और लकड़ी की पचास किलो थी। अब यह बढ़कर दो गुनी दोनोंं मेंं हो गई है। इस कारण इसकी पूर्ति पूरी करनी पड़ रही है। कोयला के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं उपभोक्ताओं ने भी मांग की है कि प्रशासन और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके। वहीं शहर के लोगों को घरेलू गैस के लिए बुकिंग के लिए गैस एजेंसी जाने के बाद ही सिलिंडर मिल पा रहा है।
सात दिनों में मांग में काफी बढ़ोतरी हुई
स्थिति का असर अब बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। लकड़ी और कोयला की सप्लाई करने वाले सेक्टर -16 निवासी रूपचंद ने बताया कि कोयला और लकड़ी की खपत बढ़ गइ्र है। सात दिनों में मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां मुख्य रूप से ढाबों और तंदूर वाले दुकानदार ही कोयला खरीदते थे, वहीं अब होटल के साथ घरेलू उपयोग के लिए भी लोग लकड़ी और कोयला खरीदने पहुंच रहे हैं।
गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कारोबार पर भी पड़ेगा असर
शहर के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। उनकी ओर से डिमांड ज्यादा की जा रही है। शहर के होटल कारोबारी अनिल गोदरिया ने बताया कि कुछ रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कारोबार पर असर पड़ सकता है।