चंडीगढ़। बिना फैकल्टी चुनाव से विजयी सीनेटरों की नोटिफिकेशन जारी किए सिंडीकेट चुनाव करवाने के पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीयू, केंद्र सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सिंडीकेट के चुनाव पर 28 फरवरी तक रोक लगा दी है।
10 सीनेटरों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश पर गत वर्ष सीनेट चुनाव संपन्न हुए थे और इसके नतीजे घोषित किए गए थे। नतीजे घोषित होने के बावजूद 28 दिसंबर को केवल 35 सीनेटरों को ही नोटिफाई किया। 14 सीनेटरों के विजयी होने के बावजूद उनकी नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि पीयू के रजिस्ट्रार ने अब सीनेट की बैठक बुला ली है। इस बैठक में सिंडीकेट का चुनाव होगा। ऐसे में हाईकोर्ट से अपील की गई कि 14 सीनेटरों की नोटिफिकेशन होने के बाद ही सिंडीकेट के चुनाव को संपन्न करवाया जाए।
याचिका पर पीयू ने हाईकोर्ट को बताया कि सीनेटरों के चुनाव के खिलाफ चांसलर के पास याचिकाएं विचाराधीन हैं जिसमें इन सीनेटरों को नोटिस जारी किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें नोटिस तो जारी किया गए हैं, लेकिन उनके पास याचिकाओं की प्रति उपलब्ध नहीं है। हाईकोर्ट ने इस पर आदेश जारी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को इन याचिकाओं की प्रति एक सप्ताह में उपलब्ध करवाई जाए।
हाईकोर्ट ने सीनेटरों को कहा कि वे इन याचिकाओं पर चांसलर के पास दस दिन के भीतर जवाब दाखिल कर सकते हैं। इस पर पीयू ने कहा कि यदि सीनेटर जवाब दाखिल करते हैं तो दो सप्ताह के भीतर इन याचिकाओं का निपटारा कर दिया जाएगा। पीयू का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अब सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 28 फरवरी तक सिंडीकेट के चुनाव पर रोक लगा दी है।