पंचकूला। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा), सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबद्ध ने बुधवार को सेक्टर-5 धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। कर्मचारी धरना स्थल पर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता राज्य प्रधान संदीप सांगवान ने की, जबकि संचालन महासचिव हितेंद्र सिहाग ने किया। प्रदर्शन को एसकेएस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जरनैल सिंह, उपाध्यक्ष कपिल सिरोही और पूर्व कोषाध्यक्ष सुख दर्शन सरोहा ने भी संबोधित किया। धरने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एसोसिएशन ने दो महीने पहले ही आंदोलन का नोटिस प्रशासन को दिया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रशासन लगातार कर्मचारी नेतृत्व से वार्ता कर रहा था, लेकिन धरने पर बैठे कर्मचारियों में भारी रोष दिखाई दिया।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब हेमसा नेतृत्व ने घोषणा की कि दो बजे डायरेक्टर कार्यालय की घेराबंदी की जाएगी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और कर्मचारियों को प्रदर्शन स्थगित करने के लिए मनाने का प्रयास करने लगा। इसी दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। मामला बिगड़ता देख ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने एसीएस और डायरेक्टर से बातचीत कर बैठक तय कराई।
डायरेक्टर के साथ दो घंटे चली बैठक,चार बिंदुओं पर सहमति
प्रशासन की मध्यस्थता के बाद 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की डायरेक्टर के साथ लगभग दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में महासचिव हितेंद्र सिहाग ने 10 सूत्रीय मांग पत्र पर कर्मचारियों का पक्ष रखा। इनमें से चार बिंदुओं पर सहमति बन गई, जबकि शेष बिंदुओं पर रैशनलाइजेशन का हवाला देकर फैसला टाल दिया गया। शेष मुद्दों पर 19 फरवरी को एसीएस के साथ पुन: बैठक तय की गई है। प्रशासन ने सहमत बिंदुओं पर एक माह के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि कर्मचारियों का आरोप है कि रैशनलाइजेशन आयोग के माध्यम से पद समाप्त करने की साजिश जारी है। इसी बीच कर्मचारियों ने साझा मांगों को लेकर 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है।