पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में प्लॉट नंबर 18 से 239 तक करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क डेढ़ साल में ही जगह-जगह से टूट गई है। करीब डेढ़ साल पहले इस सड़क का निर्माण करवाया गया था। अब सड़क पर गड्ढे, उखड़ी बजरी और जलभराव की समस्या साफ दिखाई दे रही है। इससे क्षेत्र के उद्योगपति और कर्मचारी रोजाना परेशान हो रहे हैं और गहरे गढ्ढों में गिरकर उनके वाहन खराब हो रहे हैं।
उद्योगपतियों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। सबसे बड़ी समस्या रेन वाटर की उचित व्यवस्था और रोड गलियों कि नियमित साफ न होना व सीवरेज पानी निकासी की है। उनका आरोप है कि जब तक बरसाती पानी की सही ढंग से निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक नई सड़क भी टिक नहीं पाएगी। उद्योगपतियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग को अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वाहनों की आवाजाही भी सही ढंग से नहीं हो रही और गढ्ढों में गिरकर वाहन भी खराब हो रहे हैं। सड़क खराब होने से माल की ढुलाई प्रभावित हो रही है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
इतने बड़े बजट से बनी सड़क का डेढ़ साल में टूटना सीधे लापरवाही दर्शाता है। जब तक पानी निकासी नहीं सुधरेगी तब तक समस्या बनी रहेगी। विभाग को जल्द इस ओर ध्यान देना चाहिए। -उद्योगपति सीबी, गोयल
- हम सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं फिर भी हमारी बुनियादी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। हम सरकार और विभाग की अनदेखी का खमियाजा भुगत रहे हैं।- उद्योगपति पियूष, अंबानी एंटरप्राइजेज
विभाग को कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक मरम्मत शुरू नहीं हुई है। विभाग इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - उद्योगपति विकास गोयल, कंपनी ट्रैक्टर पार्ट
प्रशासन को जल्द सड़क की गुणवत्ता जांच करवाकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करवानी चाहिए और व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।- उद्योगपति नीरज बंसल,भारत टिंबर