चंडीगढ़। हरियाणा में फसल खरीद के लिए अन्य फसलों के लिए दो बार और बाजरे के लिए केवल एक बार पंजीकरण के मौके को भेदभाव बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को बाजरे की खरीद के लिए दोबारा पंजीकरण पर एक माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए मेवात निवासी हसीन ने एडवोकेट खालिद के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि याची ने मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत पंजीकरण किया था।
इसके बाद हरियाणा सरकार ने दोबारा पंजीकरण कर फसलों को बेचने का मौका दिया। इसके लिए एक अक्तूबर से 3 अक्तूबर तक का मौका दिया था। याची ने कहा कि इन फसलों की सूची में बाजरे को शामिल नहीं किया गया और ऐसे में यह बाजरे के साथ सीधा-सीधा भेदभाव है। भारत सरकार ने बाजरे की खरीद के लिए जो दिशा-निर्देश दिए थे, उनका उल्लंघन किया जा रहा है।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि अन्य फसलों की तरह बाजरे के लिए भी दोबारा पंजीकरण की सुविधा दी जाए। याची ने बताया कि इस संबंध में सरकार को मांगपत्र भी दिया गया था, लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अब याचिका का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को पंजीकरण को लेकर एक माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।