मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति व घर, जिन्हें राशन की आवश्यकता है, उन तक पहुंचने में स्थानीय कमेटियां सक्षम हैं, इसलिए स्थानीय स्तर की कमेटियों में सामाजिक कार्यों से जुड़े व्यक्तियों तथा वॉलंटियर को अधिक से अधिक जोड़ा जाए। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राशन वितरण के लिए लगभग आठ लाख परिवारों का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें से 1.35 लाख परिवार चिह्नित किए गए हैं, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। ऐसे में ‘डिस्ट्रेस राशन टोकन’ जारी किए जा रहे हैं, ताकि ऐसे परिवार राशन की दुकानों से नि:शुल्क राशन ले सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य के लिए कमेटियों की संरचना चार स्तर पर की गई है, जिसमें जिला स्तरीय कमेटी, जोनल कमेटी, सेक्टर कमेटी तथा लोकल कमेटी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि डीसी जिला स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष होंगे तथा वे जिले से किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को जिला कमेटी का सदस्य सचिव नामित कर सकते हैं।
सीएम ने लांच किया जनसहायक हेल्प मी एप
मुख्यमंत्री ने ‘जनसहायक’ (हेल्प मी) मोबाइल एपलिकेशन को लॉन्च किया है। इस एप्लिकेशन के माध्यम से आमजन राशन, टेलीमेडिसन, बैंकों में जाने के लिए अपाइंटमेंट और नकद राशि को अपने घर पर ही प्राप्त करने जैसी विभिन्न सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। यह मोबाइल एप्लिकेशन, जो विशेष रूप से कोरोना संकट में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए बनाई गई है, ‘एंड्रॉयड प्ले स्टोर’ पर उपलब्ध एंड्रॉयड ओसिस पर काम करता है और किसी भी एंड्रॉयड आधारित स्मार्टफोन में कार्य करेगा, जिसका उद्देश्य राज्य के लोगों को बस एक क्लिक के माध्यम से सुविधा प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि जिस क्षण कोई भी नागरिक एपलिकेशन पर अपनी आवश्यकतानुसार विकल्प भरेगा, उसका आवेदन तुरंत संबंधित जिले के संबंधित अधिकारी को चला जाएगा। जब संबंधित अधिकारी द्वारा कार्य पूरा कर लिया जाएगा, तो नागरिक को सूचना पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि यह ऐप किसानों को मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए गेट पास बुक करने का भी विकल्प प्रदान करता है। इसके अलावा, वित्तीय सहायता पाने वाले नागरिक वास्तविक समय में अपने आवेदन की पात्रता और स्थिति के बारे में पता कर सकते हैं।
एप्प पर बैंकिंग सर्विस भी उपलब्ध होगी
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने बताया कि यह ऐप लोगों को नकद की होम डिलीवरी का भी विकल्प प्रदान करता है। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए, उपयोगकर्ता को इस विकल्प का चुनाव करना होगा, इसके बाद नकदी का वितरण पोस्टल बैंक के माध्यम से बिना किसी खर्च के पोस्टमैन या डाकिये के माध्यम से किया जाएगा।
कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार ने बताया कि जो लोग संकट की इस घड़ी में अन्य लोगों की मदद करना चाहते हैं, उनके लिए ऐप पर तीन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं, जिसमें लोग स्वयंसेवकों के रूप में जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ सकते हैं, किसी भी जरूरतमंद परिवार के लिए राशन की उपलब्धता में योगदान दे सकते हैं और हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में योगदान दे सकते हैं।