चंडीगढ़। हरियाणा में स्मार्ट मीटर लगाने में हो रही ढिलाई को लेकर एक बार फिर हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने कंपनी और निगमों की खिंचाई की है। आयोग ने सख्त निर्देश देते हुए इस कार्य में तेजी लाने समेत विस्तृत प्लान मांगा है। साथ ही ये भी पूछा कि आयोग को बताया जाए कि आखिर किस प्रकार से लक्ष्य को हासिल करेंगे। सुनवाई के दौरान आयोग को बताया गया कि मार्च 2019 से अगस्त 2021 तक 304311 स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं।
जुलाई माह में 15000 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 8833 स्मार्ट मीटर और अगस्त माह के 31000 के लक्ष्य के तहत 12558 मीटर मीटर लग चुके हैं। इस प्रकार, 50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सका। आयोग ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मात्र 50 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल क्यों हुआ? ईईएसएल के एमडी रजत सूद ने बताया कि एक हजार मीटर रोजाना लगाए जा रहे हैं। इस संख्या को और आगे बढ़ाया जाएगा। देरी पर कंपनी ने जवाब दिया कि पिछले कुछ माह बारिश के कारण कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पाया है। कंपनी ने दावा किया कि 10 करोड़ रुपये के भुगतान में से 8 करोड़ का भुगतान शेष है। हालांकि, निगमों ने तर्क दिया कि जो भी चालान कंपनी द्वारा दिए गए थे, उसके आधार पर भुगतान किया गया है। आयोग ने कंपनी से पूछा है कि वो हमें बताएं कि आखिर स्मार्ट मीटर लगाने के लक्ष्य को कब तक और कैसे पूरा किया जाएगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
दोनों निगमों में लगाए जाने हैं 10-10 लाख स्मार्ट मीटर
इससे पहले भी आयोग स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर कई बार सख्त आदेश जारी कर चुका है। हरियाणा में दोनों निगमों को कुल 20 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है। उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों को 10-10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है। लेकिन यह प्रोजेक्ट शुरू से ही धीमी गति से चल रहा है। बिजली विभाग ने इस माह के अंत तक 5 लाख मीटर लगाने का दावा किया था, लेकिन यह टारगेट भी पूरा नहीं हो सका। बता दें कि प्रदेश में कुल बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 76.40 लाख है।