पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में भले ही टेस्ट और इलाज की बेहतर सुविधा के दावे किए जा रहे हो, लेकिन हकीकत इससे अलग है। एक मिनट में होने वाले टेस्ट के लिए लोग चार घंटे तक लाइन में लगकर, बाहर बैठकर मरीज और तीमारदार इंतजार करते हैं। इस कारण पंचकूला सहित बाहर से आने वाले मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को एक दिन में अस्पताल में इलाज नहीं मिल पाता है। इस कारण उन्हें दूसरे दिन भी आना पड़ रहा है। अभी तक इस समस्या का निदान नहीं हो पाया है। उमस भरी गर्मी में मरीजों की संख्या अधिक हो गई है। इस कारण दोपहर 12 से दो बजे तक टेस्ट नहीं होने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। मरीजों की रिपोर्ट भी दो बजे तक आने में भी समस्या होती है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सिविल अस्पताल में उमस भरी गर्मी के कारण रोजाना सभी ओपीडी में साढ़े चार हजार मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत एक बार डॉक्टर को दिखाने के बाद लिखे गए टेस्ट होने मेंं जद्दोजहद करनी पड़ती है। मरीज डॉक्टर को दिखाने के बाद टेस्ट के लिए दो बार लाइन में लगता है। लाइन में लगने के बाद उसे सैंपल वाली नली मिलती हे। वहीं 12 बजे केे बाद जब मरीज आते हैं तो दो घंटे टेस्ट नहीं होता है। इस कारण मरीजोंं को दिक्कत का सामना अधिक करना पड़ रहा है।
यह कहना है मरीजों का
टेस्ट नहीं हुए, दोबारा आना पड़ेगा
मुझे दो दिन से बुखार आ रहा है। पंचकूला में सुबह डॉक्टर को दिखाने के लिए दस बजे ओपीडी की लाइन में लगे। एक घंटे बाद नंबर आया। इसके बाद डॉक्टर की ओर से टेस्ट लिखे गए। टेस्ट करवाने के दौरान 12 बजे गए। इसके बाद टेस्ट नहीं होने से परेशानी हुई। इस कारण इलाज के लिए अगले दिन फिर आना पड़ेगा। -किशन लाल, निवासी पिंजौर
रैफर होने पर सभी टेस्ट नहीं हुए
मैं अपनी पत्नी को इलाज के लिए नानकपुर लेकर गया। इसके बाद वहां इलाज नहीं हो पाने के कारण यहां सिविल अस्पताल में रैफर किया है। सुबह 11 बजे अस्पताल आए, ओपीडी में इलाज के लिए लेकर गया। 12 बजे के बाद सैंपल नहीं लिया। इस कारण परेशानी हुई, लंबी लाइनों में लगने के कारण नंबर नहीं आया है। -राकेश कुमार, निवासी बद्दी
बेटी का टेस्ट नहीं हुआ
मेरी बेटी आठ साल की है। उसे डेंगू होने से प्लेटलेट्स कम हो गए हैं। इस कारण बेटी का टेस्ट नहीं हुआ। काम से दो घंटे की छुट्टी लेकर सिविल अस्पताल में बेटी के इलाज के लिए आया था। आज यहां टेस्ट नहीं होने से कल आकर डॉक्टर को दूसरे दिन रिपोर्ट दिखाकर बेटी का इलाज कराना होगा। -बबलू निवासी औद्योगिक क्षेत्र फेज-2
पर्ची देर में बनी टेस्ट का समय नहीं बचा
मेरे बेटे को दो दिन से बुखार आ रहा है। डॉक्टर के पास इलाज के लिए गए तो पर्ची बनवाने और डॉक्टर दिखाने में समय लग गया। इस कारण टेस्ट कराने समय पर नहीं पहुंच पाए। दो बजे के बाद टेस्ट हुआ। इस कारण इलाज में देरी हुई। स्वास्थ्य विभाग से मांग है कि रिपोर्ट समय दी जाएं। - प्रीति निवासी सेक्टर-4
कोट
उमस भरी गर्मी और बदलते मौसम के बाद इलाज के लिए अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक हो गई है। इस कारण इलाज में समय अधिक लग रहा है। लोगों की डिमांड को देखते हुए जल्द ही टेस्टिंग काउंटर बढ़ाए जाएंगे जिससे कि लोगों को इलाज में राहत मिल सके। -आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6