पंचकूला। हरियाणा रेवेन्यु डिपार्टमेंट ने पर्ल ग्रुप से जुड़ी जमीन की रजिस्ट्री में भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद रायपुररानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला को सस्पेंड कर दिया गया है। एसीबी की रिमांड पर चल रही जांच में सामने आया कि तहसीलदार ने 18 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री में अनियमितताएं कीं, जिससे जमीन तुरंत चार लोगों में बांटी और बेच दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने सस्पेंड के दौरान तहसीलदार को फतेहाबाद हेडक्वार्टर में रखा, जबकि एसीबी अन्य अधिकारियों की भी तलाश कर रही है जो इस घोटाले में शामिल होने के संदेह में अंडरग्राउंड हैं।
दअरसल पर्ल ग्रुप से जुड़े जमीन की रजिस्ट्री के मामले में 31 जनवरी 2026 को एसीबी ने रायपुररानी तहसीलदार विक्रम सिंगला को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार कर किया था। पहले तो तीन कोर्ट ने विजिलेंस को तीन दिन की रिमांड की अनुमति दी थी और उसके बाद अतिरिक्त दो दिन की रिमांड की परमिशन दी। वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह है पूरा मामला
रायपुररानी के शाहपुर गांव में पर्ल ग्रुप की करीब 18 एकड़ जमीन से गलत तरीके से स्टे हटाकर उसकी रजिस्ट्री अक्टूबर 2025 को की गई थी। रजिस्ट्री के 21 दिन बाद उसी जमीन को आगे चार लोगों में बराबर-बराबर हिस्सा कर बेच दिया गया था। रजिस्ट्री की जानकारी मिलते ही तुरंत पंचकूला एसडीएम ने पहले तो रायपुररानी तहसीलदार से इसका जवाब तलब किया। उसके बाद एसडीएम ने उसकी शिकायत पंचकूला पुलिस कमिशनर, डीजी विजिलेंस, चीफ सेक्रेटरी और हरियाणा के सीएम से की। उसके बाद मामले में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए रायपुररानी तहसीलदार को गिरफ्तार किया।