एक महीने तक ऋण के नाम पर टरकाने का आरोप, समाधान शिविर में पहुंचकर उपायुक्त से की कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी ब्लॉक की नाइटा पंचायत के गांव बिधना निवासी किसान रिखीराम ने मोरनी पैक्स के कर्मचारियों पर कृषि ऋण देने के नाम पर पिछले करीब एक महीने से परेशान करने और बार-बार बहाने बनाकर टरकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान ने उपायुक्त पंचकूला के समाधान शिविर में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की।
रिखीराम ने बताया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से मोरनी पैक्स के सदस्य हैं और किसी भी प्रकार से डिफाल्टर नहीं हैं। उनका पूर्व ऋण भी ब्याज सहित पूरी तरह जमा हो चुका है। उन्होंने जून माह में अदरक की फसल लगाने के लिए करीब 45 से 50 हजार रुपये के कृषि ऋण की मांग की थी, लेकिन कर्मचारियों ने लगातार अलग-अलग कारण बताकर उन्हें टाल दिया।
किसान का आरोप है कि समय पर ऋण नहीं मिलने के कारण वह अदरक की फसल की बुआई नहीं कर सके, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मोरनी क्षेत्र के कई किसान अदरक की खेती पर निर्भर हैं और इसी फसल से होने वाली आय से पूरे वर्ष का खर्च चलाते हैं। ऋण मिलने में देरी के कारण अब फसल लगाने का उपयुक्त समय निकल चुका है।
रिखीराम ने उपायुक्त से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर ऋण उपलब्ध करा दिया जाता तो वह अदरक की फसल लगाकर अपनी आजीविका को सुरक्षित रख सकते थे। उपायुक्त ने मामले के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।